Month: November 2025

डिलीवरी के बाद पानी पीने का सही तरीका, ताकि स्वस्थ रहे माँ और बच्चा! (डायटीशियन अमृता)

माँ बनना सौभाग्य की बात है। गर्भावस्था ही अपने आप में एक बेहद सुखद और खूबसूरत एहसास से भरा समय होता है। इन नौ महीनों में एक माँ हर वह…

“एटेलोफोबिया” – परफेक्शनिज़्म की मानसिक बिमारी! (रिसर्च रिपोर्ट)

एटेलोफोबिया अपूर्णता का एक जुनूनी डर है, जो किसी व्यक्ति को गलतियाँ करने या किसी भी ऐसी स्थिति से अत्यधिक डरने पर मजबूर करता है जहाँ वे सफल नहीं हो…

सांस्कृतिक कला के साथ – साथ शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी धरोहर है -“कथक नृत्य”

भारतीय संस्कृति में नृत्य का विशेष महत्व रहा है। नृत्य कला न सिर्फ भारतीय परंपरा की अमिट पहचान है बल्कि इसका हमारे चिकित्सा जगत में भी बड़ा खास उपयोग किया…

लौकी ही नहीं, उसके छिलकों में भी है भरपूर पौष्टिकता! (डायटीशियन अमृता)

लौकी के छिलके में कई पोषक तत्व होते हैं, जो अक्सर फेंक दिए जाते हैं। इसमें मुख्य रूप से ये पौष्टिक तत्व पाए जाते हैं: फाइबर: लौकी के छिलके में…

घी खाने के स्वास्थ्य लाभ के बारे में जाने

ठंड का मौसम अक्सर हमारे शरीर पर असर डालता है। सर्दी-जुकाम, जोड़ों में दर्द, त्वचा का रूखापन, कमजोरी और थकान जैसी समस्याएँ इस मौसम में आम हो जाती हैं। हल्की…

वो कौन सी घरेलू उपचार है जिससे 10 रोगों को खत्म किया जा सकता है (अंजली कुमारी)

माइग्रेन सिर दर्द का रोग है जो सिर के आधे हिस्से में होता इसलिए इस बीमारी को आधा सीसी के दर्द से भी जानते है। माइग्रेन का दर्द कोई आम…

वो खाद्य पदार्थ जिन्हें खाने से ठंडक, सुस्ती और आलस हो जाती है दूर जाने

Healthy Diet Tips for Winter: जाड़े का मौसम आते ही शरीर में ठंडक के साथ सुस्ती भी आ जाती है. जैसे-जैसे तापमान गिरता है शरीर को अधिक गर्माहट के साथ…

नवजात शिशुओं को कब, कैसे और कितनी बार बेबी क्रीम लगाने चाहिए?

बच्चों की त्वचा कोमल होती है और उनकी देखभाल के लिए हमें सावधानी रखनी जरूरी है।खासकर बदलते मौसम में नवजात शिशुओं को कौन सा बेबी क्रीम लगाया जाए इसके बारे…

सर्दियों में अपनी त्वचा को दें प्राकृतिक पोषण! ( डायटीशियन अमृता)

प्रकृति हर बदलते मौसम में हमें यह बताता है कि मौसम के साथ- साथ हमें भी अपने रहन-सहन और व्यवहार को बदलना चाहिए । हर बदलते मौसम के साथ हमारे…

बच्चों को सही उम्र और सही तरीके से डायपर पहनाने से नहीं होगी कोई परेशानी! (डायटीशियन अमृता)

एक समय था जब छोटे बच्चों को पालना बहुत ही ज्यादा मुश्किल काम हुआ करता था।कोमल नवजात शिशु का पालन – पोषण हर माँ के लिए बहुत ही कष्टकारी हुआ…