
माँ बनना सौभाग्य की बात है। गर्भावस्था ही अपने आप में एक बेहद सुखद और खूबसूरत एहसास से भरा समय होता है। इन नौ महीनों में एक माँ हर वह एक कष्ट हंसते-हंसते उठाती है जिसके बारे में कभी भी उसने कल्पना भी नहीं की होती है। 9 महीने के इंतजार के बाद जब एक माँ अपने बच्चे को अपनी गोद में उठती है तो वह अपनी डिलीवरी के हर दर्द को भूल जाती है। हालांकि आमतौर पर प्रेगनेंसी के दौरान तो लोग गर्भवती महिला की बहुत केयर करते हैं लेकिन डिलीवरी हो जाने के बाद उनका पूरा ध्यान बच्चे पर केंद्रित हो जाता है और मां पर से ध्यान हट है जाता है। लेकिन, डिलीवरी के बाद मां के शरीर में आई पोषण की कमी और कमजोरी पर विशेष ध्यान देना बेहद जरूरी है। प्रेगनेंसी के दौरान नसीहत दी जाती है कि पानी खूब मात्रा में पीनी है ताकि बच्चे को गर्भ में कोई समस्या ना आए और वह आसानी से रह सके। लेकिन, डिलीवरी के बाद तुरंत पानी पीने के लिए मना कर दिया जाता है या बहुत ही सीमित मात्रा में पानी दिया जाता है जो सही नहीं है।
प्रेग्नेंसी का अनुभव और डिलीवरी के बाद का समय हर महिला के लिए विशेष होता है। यह समय न केवल खास होता है, बल्कि कई चुनौतियों से भरा भी होता है। इस दौरान महिलाओं को अपनी सेहत का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है।
विशेषज्ञों का कहना है कि एक छोटे बच्चे को पालना, उसे जन्म देना और ब्रेस्टफीडिंग करना आसान नहीं होता। इस प्रक्रिया में महिलाओं को विशेष देखभाल की आवश्यकता होती है। हर महिला की प्रेग्नेंसी यात्रा और डिलीवरी का अनुभव अलग होता है, और इस दौरान खान-पान की आवश्यकताएं भी भिन्न हो सकती हैं। अक्सर नई माताओं को डिलीवरी के बाद कई सलाहें दी जाती हैं, जैसे कि पानी पीने की मात्रा को लेकर। क्या यह सच है? आइए जानते हैं।
क्या नई माताओं को कम पानी पीना चाहिए?
– डिलीवरी के बाद नई माताओं को कम पानी पीने की सलाह दी जाती है, लेकिन डॉक्टरों के अनुसार, यह पूरी तरह से गलत है।
– स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि डिलीवरी के पहले 1-2 दिन, जब तक बाउल मूवमेंट सामान्य न हो जाए, तब तक खान-पान में कुछ सावधानी बरतने की सलाह दी जा सकती है। लेकिन इसके बाद, सही मात्रा में पानी पीना आवश्यक है।
– कई जगहों पर नई माताओं को कम पानी और कम खाना खाने की सलाह दी जाती है, लेकिन यह वास्तव में उनकी सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है।
– डिलीवरी के बाद शरीर में तरल पदार्थों और ऊर्जा की कमी हो जाती है। यदि आप पर्याप्त पानी नहीं पीती हैं या सही से नहीं खाती हैं, तो इसका सीधा असर आपकी सेहत पर पड़ता है और कमजोरी बढ़ सकती है।
– ब्रेस्टफीडिंग के दौरान कैल्शियम और अन्य आवश्यक मिनरल्स की आवश्यकता होती है, इसलिए सही खान-पान बहुत महत्वपूर्ण है।
– नई माताओं को फल, सब्जियां, पानी, जूस और सभी आवश्यक विटामिन्स और मिनरल्स से भरपूर चीजें खाना चाहिए।
– ध्यान रखें कि यदि डॉक्टर और डायटीशियन ने किसी खास चीज को खाने से मना किया है या आपकी स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार डाइट में बदलाव की आवश्यकता है, तो उसे ध्यान में रखें।
अमृता कुमारी – नेशन्स न्यूट्रीशन क्वालीफाईड डायटीशियन डायबिटीज एजुकेटर, अहमदाबाद
