
मौसम में बदलाव का सीधा असर हमारी शारीरिक और मानसिक सेहत पर पड़ता है। ठंड में नसों के सिकुड़ने से हार्ट अटैक और जोड़ों का दर्द बढ़ता है, तो गर्मियों में डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक और त्वचा संबंधी समस्याएं आम होती हैं। वहीं, मानसून में नमी के कारण वायरल इन्फेक्शन, मलेरिया और डेंगू का खतरा बढ़ जाता है।
विभिन्न मौसमों का स्वास्थ्य पर प्रभाव:
सर्दियों का असर:
हृदय स्वास्थ्य: ठंड के कारण रक्त वाहिकाएं सिकुड़ जाती हैं, जिससे रक्तचाप (BP) बढ़ता है और दिल पर दबाव पड़ने से हार्ट अटैक का खतरा बढ़ता है
श्वसन संबंधी समस्याएँ: ठंडी और सूखी हवा के कारण कफ, कोल्ड, अस्थमा और सांस लेने में दिक्कत हो सकती है
जोड़ों में अकड़न: ठंड में जोड़ों में सूजन और दर्द (Arthritis) बढ़ सकता है
गर्मियों का असर:
हीट स्ट्रोक: उच्च तापमान और नमी के कारण डिहाइड्रेशन, हीट एग्जॉस्टशन या हीट स्ट्रोक हो सकता है
त्वचा और पेट: तेज धूप से सनबर्न और पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती है
पॉजिटिव असर: धूप से विटामिन डी मिलता है और शारीरिक सक्रियता बढ़ती है
मानसून का असर:
संक्रमण: नमी के कारण बैक्टीरिया और वायरस पनपते हैं, जिससे सर्दी-जुकाम, बुखार और संक्रमण का खतरा होता है।
मच्छर जनित रोग: जलजमाव से डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी बीमारियां फैलती हैं।
पाचन: पाचन शक्ति कमजोर हो सकती है, इसलिए हल्का खाना बेहतर होता है
बचाव के उपाय:
सर्दियों में गर्म कपड़े पहनें और सिर-कान ढक कर रखें
गर्मियों में पर्याप्त पानी पिएं और धूप से बचें
मानसून में आसपास पानी जमा न होने दें और गर्म व ताजा भोजन करें।
अमृता कुमारी – नेशन्स न्यूट्रीशन क्वालीफाईड डायटीशियन डायबिटीज एजुकेटर – अहमदाबाद
