ठंड का मौसम अक्सर हमारे शरीर पर असर डालता है। सर्दी-जुकाम, जोड़ों में दर्द, त्वचा का रूखापन, कमजोरी और थकान जैसी समस्याएँ इस मौसम में आम हो जाती हैं। हल्की ठंड भी कई बार शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को प्रभावित कर सकती है।ऐसे समय में घी और गुड़ का संयोजन एक प्राचीन, प्राकृतिक और आसान उपाय के रूप में काम करता है।
घी-गुड़ का आयुर्वेदिक महत्व :भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के अनुसार, घी-गुड़ का सेवन सर्दियों में होने वाली समस्याओं का प्राकृतिक इलाज है। आयुर्वेद में इसे शरीर को अंदर से गर्म रखने और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाला माना गया है। नियमित सेवन से यह न केवल शरीर को गर्म रखता है बल्कि सर्दियों में होने वाले सामान्य संक्रमण, जुकाम और खांसी जैसी परेशानियों से भी बचाता है।
जानें स्वास्थ्य लाभ :पाचन तंत्र मजबूत करता है: कब्ज दूर रहती है और पेट साफ रहता है।इम्युनिटी बढ़ाता है: सर्दी-जुकाम और संक्रमण से सुरक्षा।कफ और बलगम कम करता है: गले की खराश में राहत।
त्वचा और खून: खून साफ होता है, चेहरे पर प्राकृतिक निखार आता है, त्वचा रूखी नहीं पड़ती।
फेफड़े और हृदय: डिटॉक्स प्रक्रिया में मदद, सांस की तकलीफ कम होती है।
जोड़ों और हड्डियों के लिए: कैल्शियम और मिनरल्स मिलने से जोड़ों और हड्डियों में मजबूती।
सिर दर्द और माइग्रेन: नियमित सेवन से राहत मिलती है।
ऊर्जा और थकान: गुड़ में आयरन और घी में हेल्दी फैट होने से तुरंत एनर्जी मिलती है।
शरीर का तापमान संतुलित: ठंड कम लगती है और शरीर गर्म रहता है।
कैसे और कितनी मात्रा में सेवन करें
आयुर्वेदाचार्य बताते हैं कि इसे लेने का सबसे अच्छा समय सुबह खाली पेट या रात को सोने से पहले है।
मात्रा: 1 छोटा चम्मच देसी घी + 5 से 10 ग्राम गुड़।
तरीका: गुड़ को घी में गर्म करके या सीधे दोनों को मिलाकर खा सकते हैं।
यह सरल नुस्खा सर्दियों में शरीर को गर्म, मजबूत और संतुलित बनाए रखता है।
इस बात का रखें ध्यान
हालांकि यह नुस्खा अधिकांश लोगों के लिए सुरक्षित है, डायबिटीज के मरीजों को इसे सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह अवश्य लेनी चाहिए।
