
शरीर में मौजूद हर तत्व की एक निश्चित और सीमित मात्रा तय है, इससे अधिक या कम होने पर इसका सीधा असर हमारे स्वास्थ पर दिखाई देता है। फिर वो ब्लड शुगर हो, कोलेस्ट्रॉल या फिर यूरिक एसिड।
यूरिक एसिड तब बढ़ता है जब शरीर बहुत अधिक यूरिक एसिड बनाता है या फिर किडनी इसे पर्याप्त रूप से फ़िल्टर नहीं कर पाती है। इससे जोड़ों में प्यूरिन क्रिस्टल जमा होने लगते हैं,जिससे दर्द और सूजन होती है।
इन लक्षणों को पहचानना महत्वपूर्ण है ताकि समस्या बढ़ने से पहले इलाज किया जा सके। चलिए जानते हैं हाई यूरिक एसिड में कहां कहां दर्द होता है और इसे कैसे कंट्रोल करें?
यूरिक एसिड बढ़ने पर कहां दर्द होता है?
जोड़ों के पास लाली: जब यूरिक एसिड बढ़ता है और प्यूरिन हड्डियों से चिपक जाता है, तो कोहनी, घुटने या अन्य जोड़ों के आसपास लाली दिखाई दे सकती है।
पैर के बड़े अंगूठे में: गाउट का एक मुख्य लक्षण अक्सर पैर के बड़े अंगूठे में दिखाई देता है। यहां हल्की सूजन, भारीपन और गर्मी महसूस हो सकती है, जो कभी-कभी चुभने वाला दर्द दे सकती है।
टखने में: टखने में सूजन और तेज दर्द, विशेष रूप से रात में या सुबह के समय, गाउट का प्रमुख संकेत है। इस स्थिति में त्वचा लाल, चमकदार, अत्यधिक गर्म और छूने पर बेहद संवेदनशील हो सकती है।
कमर और गर्दन में: हाई यूरिक एसिड में कमर और गर्दन में भी दर्द महसूस हो सकता है। इन हिस्सों में खिंचाव और रुक-रुक कर लंबे समय तक चुभने वाला दर्द हो सकता है जिसे नजरअंदाज करना मुश्किल हो सकता है। इसे स्पाइनल गाउट कहा जाता है। यह एक ऐसी स्थिति है जब यूरिक एसिड के क्रिस्टल रीढ़ की हड्डी के जोड़ों में जमा हो जाते हैं।
घुटने में: घुटने का दर्द यूरिक एसिड बढ़ने का एक बहुत स्पष्ट लक्षण है। इस दौरान घुटने में तेज दर्द होता है जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है, और कई बार चलने-फिरने में भी समस्या हो सकती है।
बचाव के उपाय:
♣ प्यूरिन युक्त खाद्य पदार्थों से बचें या सीमित करें।
♣ शराब में प्यूरिन की मात्रा बहुत अधिक होती है। इनका सेवन बिल्कुल न करें या बहुत कम करें।
♣ शरीर को हाइड्रेटेड रखना बहुत ज़रूरी है। खूब पानी पीने से यूरिक एसिड किडनी द्वारा शरीर से बाहर निकलता है। दिन में कम से कम 8-10 गिलास पानी पिएं।
♣ अधिक वजन होने से यूरिक एसिड का स्तर बढ़ सकता है। स्वस्थ वजन बनाए रखने से गाउट के जोखिम को कम करने में मदद मिलती है।
♣ तनाव भी शरीर में सूजन और यूरिक एसिड को बढ़ा सकता है। योग, ध्यान या अन्य तनाव कम करने वाली तकनीकों का अभ्यास करें।
अमृता कुमारी – नेशन्स न्यूट्रीशन क्वालीफाईड डायटीशियन डायबिटीज एजुकेटर – अहमदाबाद
