
♠ काफल (Myrica esculenta) एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन और खनिजों से भरपूर एक पहाड़ी फल है, जो रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है, पाचन सुधारता है (कब्ज, एसिडिटी में फायदेमंद), सर्दी-खांसी, गले की समस्याओं, बुखार, अल्सर और घुटनों के दर्द में राहत देता है, और त्वचा व रक्त परिसंचरण के लिए भी लाभदायक है। इसके पेड़ की छाल, फूल और पत्तियां भी खांसी, ब्रोंकाइटिस, दांत दर्द और मानसिक रोगों में इस्तेमाल होती हैं।
काफल खाने के मुख्य फायदे:
पाचन स्वास्थ्य: फाइबर से भरपूर होने के कारण यह कब्ज, एसिडिटी और ब्लोटिंग से बचाता है, और पाचन तंत्र को मजबूत करता है।
रोग प्रतिरोधक क्षमता: विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होने से यह इम्यूनिटी बढ़ाता है और संक्रमण से बचाता है।
श्वसन संबंधी समस्याएं: खांसी, जुकाम, अस्थमा और गले की खराश में राहत देता है, खासकर छाल का चूर्ण शहद के साथ।
सूजन और दर्द: इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो सूजन और घुटनों के दर्द को कम करने में मदद करते हैं।
एनीमिया (खून की कमी): इसमें मौजूद आयरन एनीमिया से बचाने में मदद करता है।
मानसिक स्वास्थ्य: पारंपरिक रूप से इसे मानसिक बीमारियों के इलाज में भी उपयोगी माना जाता है।
त्वचा और हृदय: एंटीऑक्सीडेंट त्वचा को स्वस्थ रखते हैं, और पोटेशियम ब्लड प्रेशर नियंत्रित करने में सहायक है।
अन्य उपयोग:
सिरदर्द: छाल का चूर्ण सूंघने (सूंधनी के रूप में) से सिरदर्द में आराम मिलता है।
दांत दर्द: छाल को चबाने या उसके तेल का उपयोग दांत दर्द में फायदेमंद है।
♦ काफल एक पौष्टिक और औषधीय गुणों से भरपूर फल है जो गर्मी में शरीर को ठंडक देता है और कई स्वास्थ्य समस्याओं का समाधान करता है।
अमृता कुमारी- नेशन्स न्यूट्रीशन क्वालीफाईड डायटीशियन डायबिटीज एजुकेटर – अहमदाबाद
