सर्दियों में छोटे बच्चों को नहलाना बहुत सोच-समझकर करना चाहिए, बात सिर्फ साफ-सफाई की नहीं, बल्कि उनकी कोमल त्वचा, गिरता इम्यून सिस्टम और रोग-प्रतिकार क्षमता से जुड़ी है. नीचे दिखाए गए विशेषज्ञ सुझाव उनके स्वास्थ्य व आराम का ध्यान रखते हुए तैयार किए गए हैं.
नहलाने का सही फ्रिक्वेंसी
0-6 महीने
आठ दिन में 2-3 बार स्पॉंज बाथ दें.
दाढ़े-नाक, गंदगी या पसीना आने पर ही अतिरिक्त नहलाएं.
रोजाना फुल बाथ की ज़रूरत नहीं होती, क्योंकि कोमल त्वचा में प्राकृतिक तेल होते हैं जो डिफेंस करते हैं.
6-12 महीने
सप्ताह में 3-4 बार नहलाना उपयुक्त रहता है.
बच्चे जब ठोस खाना खाने लगते हैं, गंदे होते हैं या रेत में खेलते हैं, तब स्नान बढ़ा सकते हैं.
1-3 साल
सप्ताह में 4-5 बार नहलाएं.
इस उम्र में बच्चे अधिक सक्रिय, गंदे और पसीने से सफल होते हैं, इसलिए नियमित साफ-सफाई जरूरी है.
क्यों रोज नहलाना अच्छा नहीं?
त्वचा का प्राकृतिक तेल छूटा नहीं होना चाहिए, बार-बार स्नान से यह ग्लाइडिंग ऑयल निकल सकता है, जिससे शुष्कता, खुजली और रेशे आने की समस्या हो सकती है.
सर्द हवा और ड्राय इंडोर हीटिंग से त्वचायोग्यालय चौपट हो सकती है, लगातार स्नान से वात दोष और सर्दी-जुकाम का खतरा बढ़ सकता है.
नहलाते समय इन बातों का रखें ध्यान
गुनगुना पानी:
हड्डियों को ठंड न लगे; हाथ की कलाई की जांच करके संतुलित तापमान सुनिश्चित करें.
समय निश्चित रखें:
सुबह का समय या दोपहर का वह समय जब धूप हल्की होती है, बेहतर है.
संक्षिप्त स्नान:
टिप: 5-7 मिनट ही पर्याप्त, इससे त्वचा ज्यादा ताज़ा बनी रहे, शरीर पर ठंड का असर कम हो.
बतौर स्पॉन्ज वॉशधर:
चेहरे, गर्दन, हाथ, बाहों और डायपर क्षेत्र को साफ रखें, पूर्ण स्नान के बजाय हल्का स्पॉन्ज बाथ भी पर्याप्त है.
त्वचा सुरक्षा:
स्नान के बाद हल्का मॉइस्चराइज़र या बेबी ऑयल लगाना बहुत जरूरी है.
बाल धोना:
हफ्ते में 1-2 बार बाल साफ करें. ऑयली स्किन वाली बालों में सप्ताह में 2-3 बार भी उचित.
उपाय सारांश
उम्र समूह
बाथ फ्रिक्वेंसी
0-6 महीने
सप्ताह में 2-3 बार स्पॉन्ज
6-12 महीने
सप्ताह में 3-4 बार
1-3 साल
सप्ताह में 4-5 बार
त्वचा की नमी बचाएं: बहुत बार स्नान से स्किन ड्राय हो सकती है.
वातावरण के हिसाब से समय चुनें: सुबह या दोपहर का समय, गुनगुना पानी, जल्दी स्नान करें.
शरीर आरक्षित रखें: स्नान के बाद तुरंत गर्म कपड़े पहनाएं, मॉइस्चराइज़ करें.
इन वैज्ञानिक और आयुर्वेदिक सुझावों को अपनाकर आपके बच्चे की त्वचा स्वस्थ, नमी से भरी और सर्दी से सुरक्षित रहेगी और वो खुद भी नहा-धोकर खुश रहेगा.
