
आजकल डायबिटीज, फैटी लीवर पीसीओएस, पीसीओडी और ओबेसिटी यह सब एक आम बोलचाल के भाषाओं जैसी लगती है। यह गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं भी आजकल इतनी आम हो गए हैं कि लोग इसे हल्के में लेने लगे हैं। लेकिन इसके स्वास्थ्य नुकसान कई तरीके से आपको प्रभावित करता है।डायबिटीज रिवर्स के बारे में हर कोई बात करता है। अगर डायबिटीज है तो डायबिटीज रिवर्स के लिए आप यह खा लो, वह खा लो ऐसे लाइफस्टाइल चेंज कर लो यह दवाइयां ले लो लेकिन उसका जो मुख्य कारण है, मोटापाऔर फैटी लिवर उसके बारे में लोग बातें करना और उसके ऊपर ध्यान देना भूल जाते हैं। अगर किसी को डायबिटीज है तो पहले वह यह पक्का करें कि उसे फैटी लिवर या ओबेसिटी तो नहीं अगर इन दोनों में से कुछ है तो उसे अपने फैटी लीवर और मोटापे को कम करने के लिए पहले कोशिश करनी चाहिए डायबिटीज खुद-ब- खुद रिवर्स और कंट्रोल हो जाता है।अगर आप अपने फैटी लीवर को रिवर्स कर लेते हैं फैटी लीवर को कंट्रोल करने के लिए रिवर्स पानी के लिए कई सारी सब्जियां और भले हैं जिन्हें हम अपने दैनिक खान-पान में इस्तेमाल करके अपने फैटी लीवर को मैनेज कर सकते हैं। आइए जानते हैं उन खास फलों और सब्जियों के बारे में।

चुकंदर लिवर के लिए किसी सुपरफूड से कम नहीं है. इसमें फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट और नाइट्रेट्स भरपूर मात्रा में होते हैं, जो लिवर में खून का प्रवाह बढ़ाते हैं और उसकी डिटॉक्स क्षमता को मजबूत करते हैं. यह पित्त बनाने में भी मदद करता है, जो शरीर में जमा वसा को तोड़ने और टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में जरूरी है. रिसर्च बताती है कि चुकंदर लिवर कोशिकाओं को नुकसान से बचाने में मदद करता है और एंजाइम एक्टिविटी को बेहतर बनाता है.

राजमा, चना, मसूर और छोले जैसे लेग्यूम्स पौधे आधारित प्रोटीन के साथ-साथ भरपूर फाइबर देते हैं. इनमें फैट बहुत कम होता है, इसलिए ये फैटी लिवर वाले लोगों के लिए बेहतरीन विकल्प हैं. कई स्टडीज में पाया गया है कि मांस की जगह दालें लेने से लिवर में फैट कम होता है. साथ ही ये पाचन बेहतर करते हैं और ब्लड शुगर को स्थिर रखते हैं, जो फैटी लिवर के लिए बेहद ज़रूरी है.

लहसुन सिर्फ खाने का स्वाद नहीं बढ़ाता, लिवर का दोस्त भी है. इसमें मौजूद सल्फर कंपाउंड लिवर में जमा होने वाली चर्बी को कम करने में मदद करते हैं और कोलेस्ट्रॉल को भी नियंत्रित रखते हैं. रिसर्च बताती है कि लहसुन लिवर में फैट जमा होने से रोकता है और उसकी प्राकृतिक डिटॉक्स प्रक्रिया को तेज करता है. इसकी एंटी-इंफ्लेमेटरी खूबियां सूजन कम कर लिवर की कार्यक्षमता बढ़ाती हैं.

पालक, मेथी और केल जैसी हरी सब्जियां लिवर को साफ रखने में बेहद प्रभावी हैं. इनमें मौजूद क्लोरोफिल शरीर से टॉक्सिन्स निकालने में मदद करता है और एंटीऑक्सीडेंट लिवर पर पड़ने वाले oxidative stress को कम करते हैं. रिसर्च में पाया गया है कि नियमित रूप से पालक खाने वाले लोगों में फैटी लिवर का खतरा कम देखा गया है. ये सब्ज़ियां पित्त बनने में भी मदद करती हैं, जिससे वसा का breakdown आसान हो जाता है.

ब्रोकली, फूलगोभी, पत्तागोभी और ब्रसेल्स स्प्राउट्स जैसी सब्ज़ियां फाइबर और फाइटोकेमिकल्स से भरपूर होती हैं. ये लिवर की सफाई में मदद करती हैं और सूजन को कम करती हैं. कई रिसर्च में देखा गया है कि इन सब्ज़ियों का अधिक सेवन करने वाले लोगों में लिवर-फैट स्कोर कम पाया गया. इन सब्जियों में मौजूद इंडोल नामक कंपाउंड लिवर पर जमा होने वाली चर्बी और सूजन दोनों को कम करने में मदद करता है.
ब्रोकली या फूलगोभी को हफ्ते में कुछ बार खाने से असर दिखने लगता है. चुकंदर को सलाद, जूस या रोस्टेड रूप में ले सकते हैं. दालें, राजमा, चना और सूप में लेग्यूम्स मिलाना आसान है. लहसुन को रोज़ाना सब्जी या दाल में जोड़ें. पालक और मेथी को रोटेशन में शामिल करें, कभी सब्ज़ी, कभी सलाद और कभी स्मूदी के रूप

इन सारी सब्जियों के अलावा सीजनल फ्रूट्स भी काफी फायदेमंद है अगर हर दिन सुबह के समय या दोपहर के भजन के पहले कुछ खास चुनिंदा फलों का सेवन करते हैं तो इससे भी हमारे फैटी लीवर को मैनेज करने में काफी मदद मिलता है।
अमृता कुमारी – नेशन्स न्यूट्रीशन क्वालीफाईड डायटीशियन डायबिटीज एजुकेटर, अहमदाबाद
