शादी के बाद हर महिला मां बनने का सपना देखती है। लेकिन, कई बार कुछ स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उनके इस सपने को तोड़ देता है। इसके साथ ही टूटती है उनकी उम्मीदें और जीवन जीने का एक खूबसूरत लम्हा। लेकिन,अगर शुरुआत से ही महिलाएं अपने सेहत पर ध्यान दें तो काफी कुछ काफी हद तक सुधारा जा सकता है। मां बनने के लिए ओवरी की सेहत का ध्यान रखना बेहद जरूरी है और इसके लिए जरूरी है सही पोषण और नियमित व्यायाम।

 

ओवरीज की सेहत का महत्व

 

यह जरूरी है कि आप अपने हार्मोन्स का ध्यान रखें, अपनी मासिक धर्म चक्र को समझें और अपने शरीर की जरूरतों को सुनें। महिलाओं के लिए अंडाशय की सेहत उनके समग्र स्वास्थ्य का संकेत है, चाहे वह प्रजनन क्षमता हो, अनियमित मासिक धर्म, PCOS, एंडोमेट्रियोसिस, मूड स्विंग्स या हार्मोनल असंतुलन। इसलिए, आज ही अपने आहार में इन 3 सुपरफूड्स को शामिल करें।

 

अनार

 

आप प्रतिदिन अनार का सेवन कर सकते हैं। आयुर्वेद में इसे प्रजनन अंगों के लिए वरदान माना जाता है। यह प्रजनन अंगों में बढ़े हुए पित्त को संतुलित करता है और गर्भाश्य की परत को स्वस्थ रखने में मदद करता है। इसमें भरपूर एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं जो अंडों की गुणवत्ता को बेहतर बनाते हैं।

 

अनार के फायदे

 

– मासिक धर्म के दौरान भारी रक्तस्राव में मददगार।

 

– खून की कमी (एनीमिया) को दूर करने में सहायक।

 

– हार्मोनल असंतुलन के कारण होने वाले मुहांसों में राहत।

 

– प्रजनन क्षमता को बढ़ाने में सहायक।

 

अनार का सेवन 

 

– रोजाना एक ताजा अनार खाएं।

 

– इसे सुबह के नाश्ते या दोपहर के खाने से पहले लेना सबसे अच्छा होता है।

 

– बाजार में मिलने वाले डिब्बाबंद जूस से बचें, क्योंकि इनमें प्रिजर्वेटिव्स और चीनी होती है।

 

मूंग दाल

 

छिलके वाली मूंग दाल अंडाशय के लिए बेहद फायदेमंद होती है। इसे आयुर्वेद में सुपाच्य और हार्मोन फ्रेंडली प्रोटीन माना जाता है। यह इंसुलिन संवेदनशीलता को बढ़ाती है और पाचन तंत्र पर दबाव डाले बिना शरीर से आम को कम करने में मदद करती है।

 

मूंग दाल के फायदे

 

– PCOS (पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम) में सहायक।

 

– इंसुलिन प्रतिरोध को कम करने में मददगार।

 

– पेट फूलने की समस्या में राहत।

 

– हार्मोनल गड़बड़ी के कारण बढ़ते वजन को नियंत्रित करने में सहायक।

 

मूंग दाल का सेवन 

 

– इसे मूंग दाल के चिल्ले या खिचड़ी के रूप में खाएं।

 

– इसे दोपहर के भोजन या रात के खाने में शामिल करें।

 

– इसे बनाते समय अधिक मसालेदार बनाने से बचें।

 

काले तिल

 

काले तिल का सेवन प्रजनन क्षमता और मासिक धर्म में पोषण प्रदान करता है। यह अंडाशय के ऊतकों और अंडों की गुणवत्ता को सुधारने में मदद करता है। यह मासिक धर्म के प्रवाह को नियमित करने में भी प्रभावी है।

 

काले तिल के फायदे

 

– अनियमित मासिक धर्म में सहायक।

 

– एस्ट्रोजन हार्मोन की कमी को दूर करने में मददगार।

 

– शरीर में कमजोरी और थकान को कम करने में सहायक।

 

– त्वचा के रूखापन को दूर करने में मदद।

 

– गर्भधारण में आ रही समस्याओं में राहत।

 

काले तिल का सेवन

 

– प्रतिदिन 1 छोटा चम्मच काले तिल लें।

 

– इन्हें रातभर पानी में भिगोकर सुबह चबाकर खाएं।

 

– आप इन्हें चटनी या बिना चीनी वाले लड्डू में मिलाकर भी ले सकती हैं।

 

व्यायाम: 

ओवरी की सेहत के लिए नियमित व्यायाम बेहद जरूरी है, जिसमें तितली आसन, गोमुखासन, धनुरासन, अर्ध चक्रासन, सूर्य नमस्कार और चंद्र नमस्कार सबसे खास है।

 

अमृता कुमारी – नेशन्स न्यूट्रीशन                               क्वालीफाईड डायटीशियन                                        डायबिटीज एजुकेटर, अहमदाबाद

By AMRITA

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