
गराडू मध्य भारत में सर्दियों में पाया जाने वाला एक कंदमूल है, जो दिखने में शकरकंद जैसा होता है, लेकिन इसका स्वाद अलग होता है। इसे छीलकर, काटकर, डीप फ्राई करके और फिर नींबू, नमक, काली मिर्च, लाल मिर्च और विशेष गराडू मसाले जैसे मसाले डालकर बनाया जाता है। यह पौष्टिक होता है और इसमें विटामिन और मिनरल्स होते हैं।
गराडू खाने के कई फायदे हैं, जिनमें रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाना, हड्डियों और दांतों को मजबूत करना, पाचन सुधारना और शरीर को गर्माहट देना शामिल है। यह विटामिन सी, कैल्शियम, आयरन और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है, जो कई बीमारियों से बचाता है।
गराडू खाने के फायदे
रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाए: गराडू में मौजूद विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं।
हड्डियां और दांत मजबूत करे: इसमें कैल्शियम भरपूर मात्रा में होता है, जो हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाने में मदद करता है।
पाचन में सुधार करे: यह कब्ज, अपच और गैस जैसी पाचन संबंधी समस्याओं को दूर करने में सहायक है क्योंकि यह फाइबर से भरपूर होता है।
शरीर को गर्मी दे: गराडू की तासीर गर्म होती है, जो इसे सर्दियों में खाने के लिए एक बेहतरीन आहार बनाती है।
मानसिक तनाव कम करे: इसमें पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट मानसिक तनाव को कम करने में भी मददगार होते हैं।
ऊर्जा प्रदान करे: यह शरीर को तुरंत ऊर्जा प्रदान करता है।
कोलेस्ट्रॉल कम करे: इसमें मौजूद फाइबर खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करता है।
झुर्रियों से बचाए: एंटीऑक्सीडेंट की मौजूदगी इसे एंटी-एजिंग लाभ भी देती है और झुर्रियों की प्रक्रिया को धीमा कर सकती है।
चोट या घाव भरे: यह शरीर के घावों को जल्दी भरने में सहायक होता है।
गराडू (Dioscorea bulbifera) के ज़्यादातर नुकसान कच्चे रूप में या ज़्यादा मात्रा में खाने से होते हैं, जिनमें पाचन संबंधी समस्याएं जैसे गैस, पेट फूलना और दस्त, और मुंह की दुर्गंध शामिल हैं। कुछ लोगों को एलर्जी हो सकती है, जबकि अन्य लोगों को रक्त पतला करने की दवाओं के साथ सेवन से पहले सावधानी बरतनी चाहिए क्योंकि यह रक्तस्राव का जोखिम बढ़ा सकता है। इसके अलावा, कम रक्तचाप वाले लोगों को इसे नहीं खाना चाहिए।
- गराडू का अधिक सेवन करने से पेट में जलन, एसिडिटी, गैस और पेट फूलने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
- कुछ लोगों को दस्त या मतली भी हो सकती है।
- कुछ लोगों में लहसुन की तरह गराडू से भी त्वचा पर चकत्ते या जलन हो सकती है।
- अगर आप कच्चे गराडू का सेवन करते हैं, तो इससे सांस और मुंह की बदबू बढ़ सकती है।
- जो लोग रक्त पतला करने वाली दवाएं ले रहे हैं, उन्हें गराडू से बचना चाहिए, क्योंकि इससे आसानी से चोट लगने या खून बहने का जोखिम बढ़ सकता है।
- कम रक्तचाप वाले लोगों को गराडू का सेवन बहुत कम मात्रा में करना चाहिए, क्योंकि यह रक्तचाप को और कम कर सकता है।
- लिवर की बीमारी वाले लोगों को भी इससे परहेज करने की सलाह दी जाती है।
- कुछ लोगों को कच्चे गराडू के अधिक सेवन से सिरदर्द हो सकता है।
- जो लोग गर्भवती हैं या स्तनपान करा रही हैं, उन्हें भी इसके सेवन से बचना चाहिए।
अमृता कुमारी – नेशन्स न्यूट्रीशन क्वालीफाईड डायटीशियन डायबिटीज एजुकेटर, अहमदाबाद
