
बचपन में हमने एक कविता पढ़ी थी-
“यह कदम का पेड़ अगर माँ,होता यमुना तीरे
मैं भी उसे पर बैठ कन्हैया बनता धीरे-धीरे”
शायद इस कविता में कदम के पेड़ की किसी खास गुणवत्ता के बारे में बताने का संदेश दिया जा रहा है.कदम का फल वाकई कई औषधीय गुणों का भंडार है.
कदम का फल एनीमिया (खून की कमी), डायबिटीज और पेट की समस्याओं जैसे कब्ज और अपच में बहुत फायदेमंद है। यह स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए भी लाभदायक है क्योंकि यह स्तन दूध के उत्पादन को बढ़ा सकता है। इसके अतिरिक्त, यह पुरुषों में स्पर्म काउंट बढ़ाने और शरीर को ताकत देने में भी मदद करता है।
कदम के फल के अन्य फायदे
खून की कमी (एनीमिया): विटामिन सी और आयरन से भरपूर होने के कारण यह हीमोग्लोबिन के स्तर को बढ़ाता है।
डायबिटीज: ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में मदद करता है।
पेट की समस्याएं: कब्ज और अपच से राहत दिलाता है और मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाता है।
स्तनपान कराने वाली महिलाएं: स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए ब्रेस्ट मिल्क के उत्पादन को बढ़ाने में मदद कर सकता है (डॉक्टर की सलाह से सेवन करें)।
पुरुषों का स्वास्थ्य: स्पर्म काउंट को बढ़ाने और शरीर की ताकत (स्टैमिना) को बेहतर करने में मदद करता है।
अन्य लाभ: यह शरीर की ताकत और शक्ति को बढ़ाता है।
कृपया ध्यान दें: कदंब के फल का सेवन करने से पहले, खासकर यदि आप किसी स्वास्थ्य समस्या से पीड़ित हैं या स्तनपान करा रही हैं, तो डॉक्टर से सलाह लेना उचित होगा।
कदम फल के कोई ज्ञात गंभीर नुकसान नहीं हैं, और इसका अत्यधिक सेवन कुछ लोगों में कब्ज जैसी हल्की समस्याएं पैदा कर सकता है। हालांकि, सांप के काटने के इलाज के लिए इसके अर्क का उपयोग करना सुरक्षित नहीं माना जाता है, क्योंकि इसमें मौजूद प्रोटीन कुछ लोगों में प्रतिकूल प्रतिक्रिया कर सकता है। किसी भी औषधीय या प्राकृतिक उत्पाद के अत्यधिक सेवन से बचना चाहिए और डॉक्टर से परामर्श लेना उचित है।
कदम फल खाने के संभावित नुकसान
कब्ज: कदम फल का अधिक मात्रा में सेवन करने से कब्ज हो सकता है।
सुरक्षा चिंताएं: सांप के काटने के इलाज के लिए इस्तेमाल होने वाला कदम का अर्क कुछ लोगों में प्रतिकूल प्रतिक्रिया कर सकता है। यह सलाह दी जाती है कि किसी भी चिकित्सीय उपयोग से पहले डॉक्टर से सलाह लें।
कदम का फल कच्चा, रस निकालकर या सुखाकर पाउडर बनाकर खाया जा सकता है। इसे खाली पेट, सुबह-सुबह खाना फायदेमंद होता है, खासकर हीमोग्लोबिन बढ़ाने के लिए। आयुर्वेद के अनुसार, इसे भोजन से पहले या बाद में एक घंटे के अंतराल पर और कभी-कभी अन्य फलों या दूध-दही के साथ मिलाए बिना ही खाना चाहिए।
खाने के तरीके
कच्चा फल: पके हुए फल को सीधे खाया जा सकता है।
रस: फल का रस निकालकर पिया जा सकता है।
पाउडर: फल को टुकड़ों में काटकर सुखा लें और फिर पीसकर पाउडर बना लें। इसका सेवन ताकत और शक्ति बढ़ाने के लिए किया जाता है।
चटनी: आप इसे कच्चे या पके फल से चटनी बनाने के लिए भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
सेवन के लिए ध्यान रखने योग्य बातें
भोजन के साथ न खाएं: फल को भोजन से लगभग एक घंटा पहले या दो घंटे बाद खाएं, न कि भोजन के साथ।
अकेले खाएं: फल को अकेले ही खाना सबसे अच्छा माना जाता है।
पका हुआ फल खाएं: जब तक फल पूरी तरह पक न जाए, तब तक इंतजार करें और फिर उसका सेवन करें।
डॉक्टर की सलाह: स्तनपान कराने वाली माताओं को सेवन से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए, क्योंकि कुछ लोगों को इसे पचाने में मुश्किल हो सकती है।
शुगर के मरीजों के लिए: डायबिटीज के रोगियों के लिए, इसे जामुन की गुठली के पाउडर के साथ मिलाकर सेवन करने की सलाह दी जाती है।
संभावित लाभ
एनीमिया: हीमोग्लोबिन की कमी को पूरा करता है।
पाचन: पाचन संबंधी समस्याओं जैसे कब्ज और अपच को दूर करने में मदद करता है।
भूख: भूख बढ़ाने में सहायक होता है।
पुरुषों के लिए: शुक्राणुओं की संख्या बढ़ाने और शरीर की शक्ति बढ़ाने में मदद कर सकता है।
स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए: स्तन के दूध के उत्पादन को बढ़ाने में मदद कर सकता है।
अमृता कुमारी – नेशन्स न्यूट्रीशन क्वालीफाईड डायटीशियन डायबिटीज एजुकेटर अहमदाबाद
