पेट में तेज़ जलन, खाना खाने के बाद बेचैनी, और कभी-कभी जी मिचलाना – ये लक्षण आम लग सकते हैं, लेकिन ये किसी ज़्यादा गंभीर चीज़ की ओर इशारा कर सकते हैं – पेट का अल्सर।

पेट के अल्सर का मतलब है पेट या छोटी आंत की अंदरूनी परत में बने खुले घाव। इनका इलाज हो सकता है, लेकिन इन्हें नज़रअंदाज़ करने से और भी गंभीर समस्याएँ हो सकती हैं। शुक्र है, जल्दी पता चलने और सही देखभाल से ज़्यादातर अल्सर असरदार तरीके से ठीक हो सकते हैं।

आइए इस आर्टिकल में पेट के अल्सर के लक्षण और कारणों के बारे में जानें।

पेट के अल्सर के लक्षण

गैस्ट्रिक अल्सर के कुछ लक्षणों में शामिल हैं:

🔸पेट के बीच या ऊपरी हिस्से में जलन, खासकर खाने के बीच या रात में।

🔸पेट फूलना, डकार आना, या पेट बहुत ज़्यादा भरा हुआ महसूस होना।

🔸जी मिचलाना या कभी-कभी उल्टी होना।

🔸बिना किसी वजह के वज़न कम होना।

🔸उल्टी या मल में खून आ सकता है, जो काले या तारकोल जैसे मल के रूप में दिख सकता है।

यदि आप गैस्ट्रिक अल्सर के इन लक्षणों में से किसी का अनुभव करते हैं, तो तुरंत किसी विशेषज्ञ से परामर्श करना महत्वपूर्ण है।

पेट के अल्सर के कारण

👉हेलिकोबैक्टर पाइलोरी (एच. पाइलोरी) संक्रमण:

यह बैक्टीरिया पेट की सुरक्षात्मक परत को कमजोर करता है, जिससे एसिड घाव बना सकता है।

👉एनएसएआईडी का अधिक उपयोग:

इबुप्रोफेन और एस्पिरिन जैसी दवाएं, जब नियमित रूप से ली जाती हैं, तो पेट की परत में जलन या सूजन पैदा कर सकती हैं।

👉धूम्रपान और अत्यधिक शराब का सेवन:

ये आदतें उपचार में बाधा डाल सकती हैं और एसिड का उत्पादन बढ़ा सकती हैं।

👉तनाव और आहार की आदतें:

हालांकि प्रत्यक्ष कारण नहीं हैं, पुराना तनाव और अनियमित खाने के पैटर्न मौजूदा अल्सर को बढ़ा सकते हैं या रिकवरी को धीमा कर सकते हैं।

अंतिम विचार

सही पेट के अल्सर उपचार योजना को चुनने के लिए समस्या के स्रोत को जानना आवश्यक है।

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