
आजकल इंसान इतना व्यस्त हो गया है कि अपने तन की थकान को मिटाना तो दूर की बात है, अपने मन की थकान और उबासी से भी उबर नहीं पाता है। ऐसे में ध्यान या मेडिटेशन के लिए अतिरिक्त समय या माहौल भी बड़ी मुश्किल से ही मिल पाता है। लेकिन, मेडिटेशन के लिए तकनीकी तौर पर परेशान होने की जगह यदि आसान और मनोरंजक तरीका अपनाया जाए तो यह एक आनंदमय सफर हो सकता है।
ड्रॉइंग (चित्रकारी) या पेंटिंग से मेडिटेशन (ध्यान) करना मन को शांत करने, तनाव कम करने और वर्तमान क्षण (present moment) में रहने का एक बहुत ही प्रभावी और रचनात्मक तरीका है। इसे अक्सर ‘माइंडफुलनेस आर्ट’ (Mindful Art) या ‘मेडिटेटिव ड्रॉइंग‘ कहा जाता है।
ड्रॉइंग/पेंटिंग से मेडिटेशन :
♦. माइंडफुल डूडलिंग (Mindful Doodling): साधारण पेंसिल और कागज लेकर बिना किसी योजना के, बस आकृतियां या पैटर्न (जैसे- सर्पिल, लहरें, या ज्यामितीय आकृतियां) दोहराते रहें। इसका उद्देश्य कोई सुंदर चित्र बनाना नहीं, बल्कि प्रक्रिया का आनंद लेना है।
♦. मेंडाला कला (Mandala Art): मेंडाला (चक्रनुमा आकृतियां) बनाना बहुत ध्यान केंद्रित करने वाला होता है। केंद्र से शुरू होकर बाहर की तरफ गोलाकार आकृतियां बनाने से मन शांत और केंद्रित होता है।
♦. रंगों के साथ खेलना (Layering/Blending Colors): जलरंग (watercolors) या पेस्टल के साथ काम करें। रंगों को आपस में मिलाने (blending) पर ध्यान केंद्रित करें। जब आप रंगों के नरम बदलाव को देखते हैं, तो मन की चिंताएं दूर होती हैं।
♦. ‘सांसों’ के साथ चित्रकारी (Drawing the Breath): यह एक बेहतरीन व्यायाम है। सांस भरते समय ऊपर की ओर लाइन खींचें और सांस छोड़ते समय नीचे की ओर। यह आपकी सांस और हाथ की गति को सिंक (synchronize) करता है।
♦. स्पर्श का ध्यान (Focus on Senses): चित्रकारी करते समय अपनी इंद्रियों पर ध्यान दें। पेंसिल के कागज़ पर रगड़ने की आवाज़ सुनें, ब्रश के स्पर्श को महसूस करें।
मेडिटेटिव ड्रॉइंग के लाभ:
♣ तनाव में कमी: यह तनाव पैदा करने वाले हार्मोन (cortisol) को कम करता है।
♣ भावनात्मक स्थिरता: दबी हुई भावनाओं को बाहर निकालने में मदद मिलती है।
♣ एकाग्रता: एकाग्रता बढ़ती है और दिमाग को वर्तमान में रहना सिखाती है।
♣ आत्म-जागरूकता: आप खुद की भावनाओं को बेहतर तरीके से समझ पाते हैं।
शुरुआत कैसे करें?
⇒ बिना निर्णय के चित्र बनाएं (No Judgment): यह न सोचें कि आपका चित्र कैसा लग रहा है।
⇒ एक शांत जगह चुनें: जहाँ आप आराम से बैठ सकें।
⇒ उपकरण महत्वपूर्ण नहीं हैं: साधारण पेंसिल या पेन से भी शुरुआत की जा सकती है।
खास बात :
इसे आप 10-15 मिनट से शुरू कर सकते हैं और इसे अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बना सकते हैं।
अमृता कुमारी – नेशन्स न्यूट्रीशन क्वालीफाईड डायटीशियन डायबिटीज एजुकेटर, अहमदाबाद
