
मलेरिया प्लास्मोडियम पैरासाइट्स से होने वाली जानलेवा बीमारी है। यह संक्रमित मादा एनोफिलीज मच्छरों के काटने से इंसानों में फैलती है।
खून में पहुंचने के बाद, यह पैरासाइट लिवर की कोशिकाओं को संक्रमित करता है, जहां यह बढ़ता है और फैलता है। इसके परिणामस्वरूप, इसके लक्षण हल्के या गंभीर हो सकते हैं, जो प्लास्मोडियम की प्रजाति पर निर्भर करता है।
मलेरिया का इलाज शुरुआती स्टेज में करना ज़रूरी है। अगर इलाज न किया जाए, तो यह किसी व्यक्ति की जान ले सकता है।
मलेरिया के मुख्य लक्षण
🔸 तेज़ बुखार और ठंड लगना
🔸 सिरदर्द
🔸 पसीना आना
🔸 मांसपेशियों में दर्द
🔸 थकान
🔸 मतली और उल्टी
🔸 एनीमिया
🔸 दस्त
🔸 पीलिया।
मलेरिया का इलाज
कुछ मुख्य इलाज के तरीके इस प्रकार हैं:
क्लोरोक्वीन:
यह दवा मलेरिया के नॉन-रेसिस्टेंट स्ट्रेन के लिए इस्तेमाल की जाती है।
आर्टेमिसिनिन-आधारित कॉम्बिनेशन थेरेपी (ACTs):
ये प्लास्मोडियम फाल्सीपेरम मलेरिया के लिए सबसे प्रभावी इलाज हैं।
क्विनिन और डॉक्सीसाइक्लिन:
कुछ मामलों में, गंभीर मलेरिया के इलाज के लिए क्विनिन को डॉक्सीसाइक्लिन जैसे एंटीबायोटिक्स के साथ मिलाया जाता है।
हॉस्पिटलाइज़ेशन:
इस स्थिति के गंभीर मामलों में हॉस्पिटलाइज़ेशन की ज़रूरत हो सकती है, जहां जटिलताओं को मैनेज करने के लिए इंट्रावेनस फ्लूइड, दवाएं और सहायक देखभाल प्रदान की जाती है।
अंतिम विचार
जैसे ही आपको मलेरिया के लक्षण दिखें, बचाव के उपाय करें और तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
