मलेरिया दुनिया की सबसे आम और जानलेवा बीमारियों में से एक है। यह संक्रमित मच्छरों के काटने से फैलता है। यह पैरासाइटिक इन्फेक्शन पब्लिक हेल्थ के लिए एक बड़ा खतरा है।

जल्दी पता चलने और सही इलाज से जान बचाई जा सकती है। यह आर्टिकल मलेरिया के कारणों और बचाव के तरीकों के बारे में बताता है।

मलेरिया कैसे होता है?

मलेरिया मुख्य रूप से प्लास्मोडियम पैरासाइट के कारण होता है, जो संक्रमित एनोफिलीज मच्छर के काटने से इंसानों में फैलता है।

मच्छर तब संक्रमित होता है जब वह इस बीमारी वाले व्यक्ति का खून पीता है। इसके बाद पैरासाइट मच्छर के अंदर अपने जीवन चक्र का एक हिस्सा पूरा करता है।

जब मच्छर किसी दूसरे इंसान को काटता है, तो इन्फेक्शन फैल जाता है।

मुख्य कारणों में शामिल हैं:

🔸 संक्रमित मच्छरों का काटना

🔸 संक्रमित डोनर से खून चढ़ाना

🔸 संक्रमित व्यक्ति के साथ सुई शेयर करना।

मलेरिया से बचाव के तरीके

☑️ मच्छर भगाने वाली दवाएं:

मच्छरों को दूर रखने के लिए DEET वाली रिपेलेंट का इस्तेमाल करें।

☑️ कीटनाशक से उपचारित मच्छरदानी (ITNs):

कीटनाशक से उपचारित मच्छरदानी के नीचे सोने से मच्छरों के काटने से बचा जा सकता है।

☑️ पर्यावरणीय उपाय:

रुके हुए पानी को निकालकर और ज़्यादा जोखिम वाले इलाकों में कीटनाशकों का इस्तेमाल करके मच्छरों के प्रजनन स्थलों को कम करने से मच्छरों की आबादी कम हो सकती है।

☑️ बचाव के लिए दवाएं:

अगर आप मलेरिया वाले इलाके में यात्रा कर रहे हैं, तो आपका डॉक्टर मलेरिया, डॉक्सीसाइक्लिन, या मेफ्लोक्विन जैसी मलेरिया-रोधी दवाएं लिख सकता है।

आखिरी बात

यह बीमारी एक गंभीर, जानलेवा बीमारी है, लेकिन इससे बचा जा सकता है और इसका इलाज भी संभव है। समय पर पता चलने और सही इलाज से जटिलताओं को रोका जा सकता है और जान बचाई जा सकती है।

 

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