
फैटी लिवर डिजीज एक ऐसी स्थिति है जिसमें लिवर में ज़्यादा फैट जमा हो जाता है। आम तौर पर, लिवर टॉक्सिन्स को खत्म करने और पित्त और डाइजेस्टिव प्रोटीन बनाने का काम करता है। फैटी लिवर डिजीज लिवर को नुकसान पहुंचाती है और उसे ठीक से काम करने से रोकती है।
फैटी लिवर दो तरह का होता है:
🔸शराब से जुड़ा फैटी लिवर
🔸नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर।
शराब से जुड़े फैटी लिवर का मुख्य कारण ज़्यादा शराब पीना है जो लिवर को नुकसान पहुंचाता है। दूसरी ओर, नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज उन लोगों में होती है जो मोटे होते हैं और जिनकी लाइफस्टाइल सुस्त होती है।
आम तौर पर फैटी लिवर डिजीज का इलाज करने का एक तरीका डाइट में बदलाव करना है। आइए इस आर्टिकल में जानते हैं कि फैटी लिवर की समस्याओं को दूर रखने के लिए आपको कौन से फूड्स खाने चाहिए।
फैटी लिवर डिजीज से बचने के लिए आपको कौन से फूड्स खाने चाहिए?
☑️पत्तेदार सब्जियां:
सब्जियों में, खासकर ब्रोकली लिवर में फैट जमा होने से रोकने में मदद करती है। पालक और केल जैसी बहुत सारी पत्तेदार सब्जियां खाने से भी फैटी लिवर की समस्याओं को दूर रखने में मदद मिल सकती है।
☑️मछली:
सैल्मन, सार्डिन, मैकेरल और टूना जैसी फैटी मछली ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर होती हैं। ओमेगा-3 फैटी एसिड लिवर में फैट के लेवल को बेहतर बनाते हैं।
☑️कॉफी:
स्टडीज़ से पता चला है कि जो लोग रेगुलर कॉफी पीते हैं, वे फैटी लिवर डिजीज से बच सकते हैं। कॉफी पीने वालों को उन लोगों की तुलना में लिवर को कम नुकसान होता है जो कॉफी नहीं पीते हैं। कैफीन उन लोगों में असामान्य लिवर एंजाइम के लेवल को कम करने में मदद करता है जिन्हें लिवर की बीमारियों का खतरा होता है।
☑️टोफू:
टोफू में मौजूद प्रोटीन लिवर में फैट जमा होने को कम करने में मदद करता है। इसके अलावा, टोफू में फैट कम और प्रोटीन ज़्यादा होता है।
☑️अखरोट:
अखरोट में ओमेगा-3 फैटी एसिड ज़्यादा होता है। कई स्टडीज़ से पता चला है कि जो लोग अखरोट खाते हैं, उनमें फैटी लिवर डिजीज होने की संभावना कम होती है।
☑️सूरजमुखी के बीज:
सूरजमुखी के बीज में विटामिन E ज़्यादा होता है, जो एक एंटीऑक्सीडेंट है जो लिवर को नुकसान से बचा सकता है।
आखिरी बात
फैटी लिवर डिजीज को अपनी सेहत और नॉर्मल ज़िंदगी पर असर न डालने दें। अच्छे लिवर हेल्थ के लिए ऊपर बताए गए फूड्स खाना शुरू करें।
