
थायराइड के मरीज दिन – ब – दिन बढ़ते ही जा रहे हैं। इसके कई प्रमुख कारण हैं जैसे, असंतुलित भोजन, अव्यवस्थित दिनचर्या, अनुवांशिक, असंयमित और असंतुलित हॉर्मोन इत्यादि। ऐसे में खान पान पर ध्यान देना बेहद जरुरी हो जाता है। कई लोगों में यह दुविधा रहती है कि नॉनवेज की मनाही या कम करने से उनके लिए पर्याप्त प्रोटीन नहीं मिल पाएगा तो क्या इसकी कमी मशरूम से पूरी की जा सकती है या नहीं। अब सवाल है कि थायराइड में मशरूम खाना चाहिए या नहीं। तो जवाब है-
हाँ, थायराइड में मशरूम खाना चाहिए, क्योंकि यह थायराइड को कंट्रोल करने में मदद कर सकता है। मशरूम में विटामिन और मिनरल्स, जैसे सेलेनियम और जिंक, भरपूर मात्रा में होते हैं जो थायराइड के स्तर को नियंत्रित करने में सहायक होते हैं।
थायराइड में मशरूम क्यों खाना चाहिए?
विटामिन और मिनरल्स से भरपूर: मशरूम में सेलेनियम और जिंक जैसे कई पोषक तत्व होते हैं, जो थायराइड हार्मोन को नियंत्रित करने और शरीर के समग्र स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करते हैं।
वजन नियंत्रण में सहायक: कुछ अध्ययनों से पता चलता है कि मशरूम खाने से, खासकर मोटे व्यक्तियों में, उपनैदानिक (subclinical) थायराइड डिसफंक्शन को सुधारने में मदद मिल सकती है।
मेटाबॉलिज्म को बढ़ावा: मशरूम मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित करने वाले थायराइड हार्मोन को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है, जिससे वजन को नियंत्रित करने में भी मदद मिल सकती है।
- पोषक तत्वों से भरपूर: मशरूम में विभिन्न विटामिन और खनिज होते हैं जो थायराइड के कार्य को ठीक रखने में मदद कर सकते हैं।
- स्वस्थ आहार: मशरूम को थायराइड के लिए एक स्वस्थ आहार का हिस्सा माना जा सकता है
- बीटा-ग्लूटेन से भरपूर: कुछ अध्ययनों से पता चलता है कि मशरूम, जो बीटा-ग्लूटेन से भरपूर होते हैं, थायराइड के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकते हैं।
- दवाएं बंद न करें : थायराइड के मरीज़ अपनी दवाएं कभी बंद न करें, क्योंकि वे थायराइड को नियंत्रित करने में मदद करती हैं।
- संतुलित आहार लें : मशरूम को संतुलित और पौष्टिक आहार के हिस्से के रूप में खाएं।
- डॉक्टर से सलाह जरूरी : किसी भी प्रकार के आहार परिवर्तन करने से पहले हमेशा डॉक्टर या आहार विशेषज्ञ से सलाह लें।
थायराइड में और क्या खाएं
अनाज: चावल, चिया बीज, और अलसी के बीज जैसे ग्लूटेन-फ्री अनाज।
फल: नारियल, केला, एवोकाडो, और मौसमी फल।
सब्जियां: मशरूम, परवल, लौकी, तोरई, करेला, और कद्दू।
अन्य: हल्दी, कद्दू के बीज, मछली, अंडे, और सोयाबीन।
थायराइड में क्या न खाएं
प्रसंस्कृत और फास्ट फूड।
सोया उत्पाद।
ग्लूटेन युक्त आहार, जैसे कि गेहूं की रोटियां, केक, और पाई।
कच्चे पत्तागोभी जैसी गोइट्रोजन युक्त सब्जियां (पकने पर इन्हें खा सकते हैं)।
शराब।
अमृता कुमारी – नेशन्स न्यूट्रीशन क्वालीफाईड डायटीशियन डायबिटीज एजुकेटर, अहमदाबाद
