सर्दियों में तापमान कम होने पर शरीर की क्रियाएं स्वाभाविक रूप से धीमी पड़ जाती हैं. साथ ही प्यास कम लगने की वजह से इस मौसम में पानी पीने की मात्रा कम हो जाती है, जिससे शरीर में मौजूद टॉक्सिक पदार्थ आसानी से बाहर नहीं निकलते.

ठंड में लोग ज्यादा तली हुई, मसालेदार और मिठी चीजें खा लेते हैं, जिन्हें पचने में समय लगता है. ऐसी खाने की चीजें आंतों पर भार डालती हैं और धीरे-धीरे टॉक्सिक पदार्थों के जमाव की संभावना बढ़ जाती है. इसी के साथ सर्दियों में बाहरी और शारीरिक गतिविधि भी कम हो जाती है, पसीना बहुत कम आता है और ब्लड फ्लो भी सामान्य गति से धीमा हो जाता है. इस कारण शरीर में प्राकृतिक रूप से सफाई की प्रक्रिया धीमी हो जाती है. यही कारण है कि ठंड के मौसम में टॉक्सिक तत्व जमा होने की स्थिति अधिक बनती है.

 

सर्दियों में पाचन शक्ति सामान्य से धीमी हो जाती है और शरीर भारी तथा थका हुआ महसूस करने लगता है. अगर इस समय हम खानपान की लापरवाही, कम पानी और कम नींद वाली आदतों का पालन करें, तो कब्ज, पेट फूलना, गैस, थकान, रूखी त्वचा और कमजोर इम्यूनिटी जैसी समस्याएं आसानी से होती हैं. इस मौसम में शरीर को बाहरी देखभाल की ही नहीं, बल्कि अंदर से संतुलन की भी आवश्यकता होती है. स्वस्थ आदतें शरीर को न केवल साफ और हल्का रखती हैं, बल्कि यह एनर्जी बनाए रखने, मन को शांत रखने और दिन भर सक्रिय बने रहने में भी सहायक होती हैं. इसलिए ठंड के मौसम में स्वयं की देखभाल अत्यंत आवश्यक है.

 

सर्दियों में बॉडी डिटॉक्स के लिए अपनाएं ये 5 आसान तरीके

 

  •   सुबह उठते ही धीरे-धीरे गर्म पानी पीने से पाचन तंत्र एक्टिव होता है और टॉक्सिन को धीरे-धीरे निकलने में सहायता मिलती है.
  • भोजन में घर का बना हल्का और गर्म भोजन रखना चाहिए, जैसे दाल, दलिया, सूप, उबली सब्जियां और खिचड़ी.
  • प्रतिदिन 10-15 मिनट साधारण स्ट्रेचिंग या योग का अभ्यास ब्लड फ्लो सुधारता है और शरीर में जकड़न कम करता है.
  • मीठी चीजें तथा पैकेज्ड स्नैक्स कम रखें, क्योंकि ऐसे पदार्थ शरीर में सूजन और टॉक्सिन बढ़ाते हैं.
  • रात में समय पर सोना और पर्याप्त नींद लेना भी अत्यंत जरूरी है, क्योंकि शरीर की स्वाभाविक सफाई प्रक्रिया नींद के दौरान ही अधिक एक्टिव रहती है.

इन उपायों से सर्दियों में शरीर को हल्का और निर्मल बनाए रखना अधिक सरल हो जाता है.

 

ये भी जरूरी

 

शराब और ठंडे पेय कम मात्रा में लें.

शाम के समय गरम पेय चुनें.

धूप में कुछ देर जरूर बैठें.

मौसमी फल जैसे आंवला, संतरा शामिल करें.

 

अमृता कुमारी – नेशन्स न्यूट्रीशन                             क्वालीफाईड डायटीशियन                                       डायबिटीज एजुकेटर, अहमदाबाद

By AMRITA

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