
शरीफ़ा एक पौष्टिक फल है, जो कई स्वास्थ्य लाभ प्रदान करता है, जैसे कि ऊर्जा बढ़ाना, पाचन में सुधार करना, और त्वचा और बालों के लिए फायदेमंद होना. हालांकि, इसे सीमित मात्रा में खाना महत्वपूर्ण है, खासकर डायबिटीज और वजन प्रबंधन के लिए.
यह एक मीठा और मलाई जैसा फल है जिसे अंग्रेजी में कस्टर्ड एप्पल भी कहा जाता है. यह गोल आकार का होता है और इसकी ऊपरी सतह पर छोटे-छोटे उभार होते हैं. अंदर सफेद गूदा और काले बीज होते हैं. इसमें विटामिन सी, कैल्शियम, आयरन और फाइबर भरपूर मात्रा में होते हैं जो शरीर को ताकत देते हैं.
शरीफ़ा का मौसम आमतौर पर सितंबर से दिसंबर तक होता है. यह गर्मियों के बाद और सर्दियों के शुरू में बाजार में आसानी से मिल जाता है. इस समय यह फल सबसे मीठा और स्वादिष्ट होता है. ताज़ा शरीफ़ा खाना सबसे अच्छा रहता है क्योंकि पुराने फल का स्वाद और पोषण दोनों कम हो जाते हैं.
शरीफ़ा के फायदे
1. एनर्जी बढ़ाता है: शरीफ़ा में नेचुरल शुगर होती है जो तुरंत ऊर्जा देती है.
2. पाचन सुधारता है: इसमें फाइबर होता है जो पाचन को बेहतर बनाता है और कब्ज़ को दूर करता है.
3. त्वचा को ग्लो करता है: शरीफ़ा में विटामिन सी और एंटीऑक्सिडेंट्स होते हैं जो त्वचा को चमकदार बनाते हैं.
4. बालों को मजबूत बनाता है: इसमें आयरन और विटामिन सी होते हैं जो बालों को मज़बूत और चमकदार बनाते हैं.
5. ब्लड प्रेशर नियंत्रित रखता है: शरीफ़ा में पोटैशियम और मैग्नीशियम होते हैं जो ब्लड प्रेशर को संतुलित रखते हैं.
6. दिल के लिए फायदेमंद है: इसमें फाइबर और मिनरल्स होते हैं जो हृदय को मजबूत बनाते हैं.
7. नींद अच्छी आती है: शरीफ़ा में मैग्नीशियम होता है जो दिमाग और शरीर को शांत करता है.
8. खून बढ़ाता है: इसमें आयरन और विटामिन सी होते हैं जो शरीर में खून बढ़ाने में मदद करते हैं.
9. प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है: शरीफ़ा में विटामिन सी होता है जो इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाता है.
10. वजन प्रबंधन में मदद करता है: सीमित मात्रा में खाने से यह वजन को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है.
शरीफ़ा खाते समय बरतें सावधानियां
अधिक न खाएं: शरीफ़ा को सीमित मात्रा में खाना चाहिए क्योंकि अधिक खाने से पेट भारी लग सकता है या सर्दी हो सकती है.
बीज न खाएं: शरीफ़ा के बीज जहरीले हो सकते हैं, इसलिए इन्हें निकालकर ही गूदा खाना चाहिए.
दूध के साथ न खाएं: शरीफ़ा और दूध एक साथ खाने से पाचन पर असर पड़ सकता है, इसलिए दोनों में कम से कम एक घंटे का अंतर रखें.
ठंडे मौसम में सावधानी: ठंड के मौसम में शरीफ़ा अधिक खाने से सर्दी या खांसी हो सकती है, इसलिए सीमित मात्रा में खाएं.
एलर्जी की जांच करें: कुछ लोगों को शरीफ़ा से एलर्जी हो सकती है, इसलिए पहली बार खाने पर थोड़ा सावधानी से खाएं और शरीर की प्रतिक्रिया देखें.
महत्वपूर्ण बातें
शरीफ़ा ठंडे स्वभाव का फल है. इसे खाने से शरीर को ठंडक मिलती है और गर्मी से राहत मिलती है. गर्मियों या बदलते मौसम में यह शरीर को शांत रखता है, लेकिन सर्दियों में ज्यादा मात्रा में खाने से खांसी या सर्दी हो सकती है. इसलिए ठंड में इसे सीमित मात्रा में खाना चाहिए.
गर्भवती महिलाओं के लिए शरीफ़ा फायदेमंद माना जाता है क्योंकि इसमें फोलेट, विटामिन बी6, आयरन और मैग्नीशियम होते हैं. ये तत्व बच्चे के मस्तिष्क और शरीर के विकास में मदद करते हैं. शरीफ़ा से थकान और उल्टी जैसी परेशानी भी कम होती है. लेकिन इसे सीमित मात्रा में खाना चाहिए ताकि पाचन ठीक रहे.
डायबिटीज वाले लोगों को शरीफ़ा बहुत कम मात्रा में ही खाना चाहिए क्योंकि इसमें प्राकृतिक मिठास यानी फ्रक्टोज़ अधिक होता है. ज़्यादा खाने से ब्लड शुगर लेवल बढ़ सकता है. अगर डॉक्टर अनुमति दें तो आधा फल कभी-कभी खाया जा सकता है. ध्यान रखें कि शरीफ़ा मीठा फल है, इसलिए संयम ज़रूरी है.
शरीफ़ा खाने का सबसे अच्छा समय सुबह का या दोपहर के भोजन के बाद का होता है. इस समय शरीर की पाचन क्रिया सबसे बेहतर रहती है. रात में शरीफ़ा खाने से पाचन धीमा हो सकता है और गैस या भारीपन महसूस हो सकता है. हमेशा ताज़ा और पका हुआ शरीफ़ा ही खाना चाहिए.
शरीफ़ा में कैलोरी और नेचुरल शुगर की मात्रा ज़्यादा होती है, जिससे वजन बढ़ सकता है. जो लोग दुबले हैं, उनके लिए यह फल वजन बढ़ाने में मददगार है. लेकिन जो वजन घटाना चाहते हैं, उन्हें इसे बहुत सीमित मात्रा में खाना चाहिए ताकि कैलोरी की मात्रा ज्यादा न बढ़े.
शरीफ़ा सीधे तौर पर वजन घटाने में मदद नहीं करता क्योंकि यह मीठा और कैलोरी युक्त फल है. लेकिन इसमें मौजूद फाइबर पेट को लंबे समय तक भरा रखता है जिससे ज़रूरत से ज़्यादा खाने की इच्छा कम होती है. इसलिए अगर कम मात्रा में खाया जाए तो यह डाइट में शामिल किया जा सकता है.
शरीफ़ा में फाइबर की मात्रा अच्छी होती है जो पाचन को सुधारती है और कब्ज़ की समस्या को कम करती है. यह पेट को साफ रखता है और खाने को जल्दी हज़म करने में मदद करता है. लेकिन अगर अधपका शरीफ़ा खाया जाए या बहुत ज़्यादा मात्रा में खाया जाए तो उल्टा असर हो सकता है.
बहुत कम लोगों को शरीफ़ा से एलर्जी होती है. अगर खाने के बाद खुजली, त्वचा पर दाने या सूजन जैसी समस्या दिखे तो तुरंत इसका सेवन बंद कर देना चाहिए. आमतौर पर शरीफ़ा सुरक्षित और फायदेमंद फल है, लेकिन पहली बार खाने पर थोड़ा ध्यान देना अच्छा रहता है.
शरीफ़ा में विटामिन सी, आयरन, मैग्नीशियम और फाइबर भरपूर होते हैं जो एनीमिया, कमजोरी, कब्ज़, और ब्लड प्रेशर जैसी समस्याओं में राहत देते हैं. यह रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है, जिससे बार-बार सर्दी-जुकाम नहीं होता. इसके अलावा यह हृदय को स्वस्थ रखता है और त्वचा व बालों के लिए भी लाभदायक है.
अमृता कुमारी – नेशन्स न्यूट्रीशन क्वालीफाईड डायटीशियन डायबिटीज एजुकेटर अहमदाबाद
