
दिवाली पर हम सब अपने घर का कोना – कोना साफ करते हैं. बिस्तर पर्दे और न जाने घर के हर वह छोटी-मोटी, अच्छे- बेकार सामानों को भी हम साफ-सुथरा करके ही फिर से वापस सजाते हैं लेकिन, क्या इतनी सफाई हमारे लिए जरूरी है ?क्या इतन से ही हमारा तन मन स्वस्थ और साफ हो जाएगा ? जी नहीं दिवाली सिर्फ बाहरी सफाई के लिए नहीं अपनी आंतरिक सफाई पर भी ध्यान देने के लिए जरूरी है.अगर हम स्वस्थ रहेंगे तो उससे बेहतर कोई तोहफा हमारे लिए नहीं हो सकता इसलिए इस दिवाली अपने तन और मन दोनो की सफाई जरूर करें. अपने बॉडी को डिटॉक्स करने के लिए पंचकर्म का उपयोग करें और स्वस्थ रहें.
दिवाली से पहले पंचकर्मा से अपने बॉडी को करें डिटॉक्स
दिमाग तनाव मुक्त
बॉडी वेट कंट्रोल
नस-नाड़ी बेहतर सर्कुलेशन
लिवर-किडनी क्रिस्टल क्लियर
हार्ट मसल्स मजबूत
पंचकर्म से करें बॉडी को डिटॉक्स-
बॉडी को डिटॉक्स करना है तो पंचकर्म कराएं। 5 तरीके से शरीर की सफाई की जा सकती है। इससे शरीर की अंदरूनी सफाई होगी और आयुर्वेदिक औषधि से बॉडी प्यूरीफाई होगी। पंचकर्म के तरीकों में जो पांच तरीके होते हैं उसमें शिरोधारा-औषधीय तेल की धारा से सिर का मसाज करने की प्रक्रिया होती है। दूसरी स्नेहन- तेल से पूरे शरीर की मालिश करना, तीसरी स्वेदन- स्टीम के जरिए पसीने से टॉक्सिन निकालना, चौथी वमन- मुंह के जरिए शरीर से टॉक्सिन निकालना, विरेचन- स्टूल के जरिए शरीर का कचरा निकालना और पांचवीं नस्य- नाक के जरिए औषधि ब्रेन तक पहुंचाना शामिल है।
पंचकर्म का असर- पंचकर्म से शरीर की अंदर से सफाई हो जाती है। अलग अलग क्रियाओं के अलग फायदे मिलते हैं। जैसे
वमन- खांसी,बुखार,इनडायजेशन,थायराइड,मेंटल प्रॉब्लम दूर करने में मदद करती है।
विरेचन- शुगर,स्किन,डायजेशन,लिवर,किडनी प्रॉब्लम दूर करती है। नस्य आंख,गले,साइनस,माइग्रेन,स्पॉन्डिलाइटिस में फायदेमंद है।
रक्तमोक्षण- नकसीर,गाउट,वैरिकोज,स्किन डिजीज में फायदेमंद है। शिरोधारा- स्ट्रेस,टेंशन,एंग्जायटी,डिप्रेशन,सिरदर्द में लाभकारी है।
