
कनेर (Oleander) के फूल, विशेषकर सफेद और पीले, त्वचा रोगों (दाद, खुजली), जोड़ों के दर्द, बवासीर, सूजन, और बुखार में अत्यंत औषधीय माने जाते हैं। इसमें एंटीबैक्टीरियल और एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो पाचन, बालों की देखभाल, और विषैले पदार्थों के असर को कम करने में मदद करते हैं। हालाँकि, यह अत्यधिक विषैला भी होता है, इसलिए इसका उपयोग डॉक्टर की सलाह पर ही किया जाना चाहिए।
कनेर के फूल के फायदे:
त्वचा रोग और खुजली: कनेर के फूल और पत्तियों को पीसकर दाद, कुष्ठ रोग, और त्वचा के अन्य संक्रमणों पर लेप लगाने से तेजी से आराम मिलता है।
जोड़ों का दर्द और सूजन: फूलों के लेप या इससे बने तेल की मालिश से जोड़ों के दर्द, बदन दर्द, और सूजन में राहत मिलती है।
बवासीर और पेट की समस्याएं: आयुर्वेद के अनुसार, कनेर के फूल बवासीर (Piles) और पाचन संबंधी समस्याओं के उपचार में सहायक होते हैं।
बुखार में राहत: कनेर की छाल और फूलों का काढ़ा बनाकर पीने से बुखार कम करने में मदद मिलती है।
बालों के लिए फायदेमंद : फूलों से बना तेल डैंड्रफ दूर करता है और बालों की जड़ों को मजबूत बनाता है।
घाव भरने में सहायक: इसमें एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं, जो घाव को भरने और कीड़ों के काटने से होने वाले संक्रमण (जैसे बिच्छू या ततैया) में सूजन और दर्द कम करने में मदद करते हैं।
सावधानी: कनेर का पौधा विषैला हो सकता है। इसके सेवन या प्रयोग से पहले किसी योग्य आयुर्वेदिक चिकित्सक से परामर्श जरूर लें। इसे बच्चों और पालतू जानवरों की पहुंच से दूर रखना चाहिए।
