भारतीय स्वास्थ्य व्यवस्था में योग के आसनों का विशेष स्थान है।आज हर कोई योग्य के प्रभाव को समझ रहा है और उसका लोहा मान रहा है। सदियों से ऋषियों मुनियों के समय से योग आसनों का प्रचलन हमारे भारत में बना रहा है और आज भी इसके स्वास्थ्यवर्धक गुणवत्ताएं इसकी चर्चा को बल देते हैं। योग के कई आसान है इनमें से ही एक है चक्की आसान।

 

चक्की आसन कई शारीरिक और मानसिक लाभ प्रदान करता है। यह पेट की चर्बी कम करने, पाचन में सुधार करने और पीठ दर्द से राहत दिलाने में सहायक है। इसके अतिरिक्त, यह महिलाओं के लिए मासिक धर्म से जुड़ी समस्याओं को दूर करने में उपयोगी है, और रीढ़, हाथ और पैर की मांसपेशियों को लचीला बनाता है।

 

शारीरिक लाभ

पेट की चर्बी कम करे: चक्की आसन पेट और कमर की चर्बी को कम करने में मदद करता है।

पाचन में सुधार करे: यह पेट की मांसपेशियों को मजबूत करता है और पाचन क्रिया में सुधार करता है, जिससे गैस, एसिडिटी और कब्ज से राहत मिलती है।

लचीलापन बढ़ाए: यह कूल्हों, घुटनों, टखनों और रीढ़ की हड्डी में लचीलापन लाता है और पीठ के निचले हिस्से के दर्द को कम करता है।

मांसपेशियों को मजबूत करे: यह कोर की मांसपेशियों, हाथों और पैरों को मजबूत और टोन करता है।

प्रजनन अंगों को स्वस्थ रखे: यह प्रजनन अंगों को उत्तेजित करता है और महिलाओं के लिए मासिक धर्म की समस्याओं से राहत दिलाने में सहायक हो सकता है।

 

मानसिक लाभ

 

तनाव कम करे: यह मन को शांत और संतुलित करने में मदद करता है और तनाव कम करता है।

एकाग्रता बढ़ाए: नियमित अभ्यास से एकाग्रता में वृद्धि होती है।

नींद में सुधार करे: यह अनिद्रा की समस्या में भी फायदेमंद है।

 

अन्य लाभ

रक्त परिसंचरण में सुधार: यह आसन रक्त परिसंचरण को बेहतर बनाता है।

बुढ़ापे के लक्षणों को कम करे: यह बुढ़ापे के लक्षणों को कम करने में भी मदद कर सकता है।

 

सावधानी और सुरक्षा

आसन करते समय, हमेशा खाली पेट होना चाहिए और आरामदायक कपड़े पहनने चाहिए,क्योंकि यह अभ्यास को आसान बनाता है। इसके अलावा, जल्दबाजी न करें, धीरे-धीरे और लयबद्ध तरीके से आसनों को करें, और हमेशा अपनी सांसों पर ध्यान दें। अपने शरीर की सुनें, और अगर आपको कोई दर्द या परेशानी महसूस हो तो आसन को रोक दें। 

तैयारी और परिवेश
  • खाली पेट अभ्यास करें:
    आसन करने से पहले कम से कम 3-4 घंटे कुछ न खाएं। अगर कमजोरी महसूस हो तो गुनगुने पानी में शहद मिलाकर पी सकते हैं। 

  • सही कपड़े पहनें:
    ढीले-ढाले, आरामदायक और हवादार कपड़े चुनें जो आपकी हर गतिविधि को आसान बना सकें। 

  • शांत और हवादार जगह चुनें:
    एक समतल और हवादार जगह चुनें और हमेशा एक साफ-सुथरी योगा मैट का उपयोग करें। 

अभ्यास के दौरान
  • धीरे-धीरे शुरुआत करें:
    यदि आप नए हैं, तो आसान आसनों से शुरुआत करें और धीरे-धीरे आगे बढ़ें। जल्दबाजी या प्रतिस्पर्धा न करें। 

  • सांसों पर ध्यान दें:
    आसन करते समय अपनी सांसों के उतार-चढ़ाव को नियंत्रित करें। अपनी सांसों को कभी भी रोके नहीं। 

  • शरीर की सुनें:
    किसी भी आसन को करने में ज़ोर-ज़बर्दस्ती न करें। यदि आपको दर्द या बेचैनी हो तो उस आसन को तुरंत रोक दें। 

  • आसनों का क्रम:
    एक निश्चित और व्यवस्थित क्रम में आसनों का अभ्यास करें। 

  • शरीर को झटके न दें:
    आसनों को धीरे-धीरे, लयबद्ध और बिना किसी झटके के करें। 

स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां
  • बीमार होने पर बचें:
    बुखार, कमजोरी या सर्जरी के बाद योग करने से बचें। 

  • महिलाओं के लिए विशेष ध्यान:
    मासिक धर्म के दौरान कठिन आसनों से बचें और डॉक्टर की सलाह लें। अगर कोई समस्या हो तो अपनी स्थिति के अनुसार आसनों का चुनाव करें। 

  • शरीर को आराम दें:
    अभ्यास के बाद कठोर या ज़ोरदार क्रियाएं न करें। पर्याप्त आराम करें। 

 

अमृता कुमारी – नेशन्स न्यूट्रीशन                            क्वालीफाईड डायटीशियन                                     डायबिटीज एजुकेटर, अहमदाबाद

By AMRITA

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