
अनुलोम विलोम प्राणायाम के नियमित अभ्यास से श्वसन स्वास्थ्य, फेफड़ों की कार्यक्षमता और हृदय गति में सुधार होता है, जो तनाव व चिंता को कम करके मानसिक शांति प्रदान करता है। यह नाड़ियों (इडा और पिंगला) को संतुलित करता है, शरीर में ऑक्सीजन का प्रवाह बढ़ाता है, रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है और पाचन को दुरुस्त रखता है।
अनुलोम विलोम के प्रमुख स्वास्थ्य लाभ:
श्वसन और फेफड़े: यह फेफड़ों को शक्तिशाली बनाता है और सर्दी, जुकाम व दमा की समस्याओं से बचाव में मदद करता है।
मानसिक शांति और तनाव कम: यह तंत्रिका तंत्र को संतुलित करता है, जिससे तनाव, एंग्जायटी (चिंता) और अवसाद के लक्षणों में कमी आती है।
हृदय स्वास्थ्य: नियमित अभ्यास से रक्त संचार (ब्लड सर्कुलेशन) बेहतर होता है और यह ब्लड प्रेशर व हृदय गति को संतुलित रखता है।
पाचन और रोग प्रतिरोधक क्षमता: यह पाचन क्रिया में सुधार करता है और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) को बढ़ाता है।
एकाग्रता: यह मानसिक स्पष्टता को बढ़ावा देता है और एकाग्रता को बढ़ाने में सहायक है।
शरीर शुद्धि: अनुलोम विलोम नाड़ियों को शुद्ध करता है और शरीर के चक्रों को सक्रिय करता है।
परामर्श:
♣ इसे खाली पेट करना सबसे अच्छा माना जाता है।
♣ गंभीर हृदय या सांस की समस्या होने पर किसी विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
अमृता कुमारी – नेशन्स न्यूट्रीशन क्वालीफाईड डायटीशियन डायबिटीज एजुकेटर -अहमदाबाद
