वैसे तो अच्छी जीवन शैली और स्वस्थ जीवन के लिए योगाभ्यास एक बहुत ही महत्वपूर्ण आदत है।लेकिन, सूर्य नमस्कार और चंद्र नमस्कार अपने आप में सबसे महत्वपूर्ण योगाभ्यसों में से एक है।

 

चंद्र नमस्कार (Moon Salutation) के नियमित अभ्यास से शरीर में शीतलता, मानसिक शांति और लचीलापन बढ़ता है। यह 14 चरणों का एक कोमल योग प्रवाह है जो तनाव को कम करता है, पाचन में सुधार करता है, और रीढ़ की हड्डी व मांसपेशियों को मजबूत करता है। यह विशेष रूप से रात में या शाम को तनाव मुक्त होने के लिए फायदेमंद है, जो इसे अनिद्रा के लिए भी एक बेहतरीन अभ्यास बनाता है।

चंद्र नमस्कार के मुख्य फायदे:

मानसिक शांति और तनाव में कमी: यह पैरासिम्पेथेटिक तंत्रिका तंत्र को सक्रिय करता है, जिससे मन शांत होता है, चिंता कम होती है, और बेहतर नींद आती है।

शारीरिक मजबूती और लचीलापन: यह रीढ़ की हड्डी, जांघों (hamstrings), और पीठ के निचले हिस्से में खिंचाव लाता है, जिससे शरीर अधिक लचीला बनता है और मांसपेशियां मजबूत होती हैं।

पाचन क्रिया में सुधार: कोमल घुमावों के कारण पेट के अंगों की मालिश होती है, जिससे पाचन तंत्र बेहतर होता है।

ऊर्जा का संतुलन: यह शरीर की चंद्र ऊर्जा को सक्रिय करता है, जो ठंडक और विश्राम प्रदान करती है, विशेषकर गर्म मौसम में।

रक्त परिसंचरण: यह शरीर में ब्लड सर्कुलेशन को संतुलित करता है।

महिला स्वास्थ्य: पेल्विक एरिया (श्रोणि क्षेत्र) को लचीला बनाता है।

सुझाव और सावधानियां:

इसे शाम या रात के समय, खाली पेट करना सबसे अच्छा माना जाता है।

पीठ दर्द या घुटने की समस्या होने पर इसे सावधानी से या विशेषज्ञ की सलाह पर ही करें।

 

गर्मियों में चंद्र नमस्कार

गर्मियों में चंद्र नमस्कार (Moon Salutation) शरीर को ठंडक, शांति और ऊर्जा प्रदान करने वाला एक बेहतरीन योग अभ्यास है। यह शरीर के तापमान को कम करने, तनाव दूर करने और पित्त दोष को संतुलित करने में सहायक है, जिससे चिलचिलाती गर्मी में राहत मिलती है। यह मानसिक स्पष्टता, लचीलापन और बेहतर नींद में भी मदद करता है।

गर्मियों में चंद्र नमस्कार के प्रमुख फायदे:

शरीर को ठंडक और राहत: चंद्र नमस्कार करने से शरीर का आंतरिक तापमान कम होता है, जो गर्मियों में बहुत राहत देता है।

मानसिक शांति और तनाव में कमी: यह मन को शांत, स्थिर और तनावमुक्त करता है, जिससे मानसिक थकावट दूर होती है।

शारीरिक संतुलन और ऊर्जा: यह शरीर को ठंडा रखते हुए भी ऊर्जावान बनाए रखता है और पाचन व श्वसन तंत्र को संतुलित करता है।

लचीलापन और मजबूती: यह रीढ़ की हड्डी, जांघों, पैरों और पीठ की मांसपेशियों को स्ट्रेच और मजबूत करता है।

हार्मोनल संतुलन: यह हार्मोनल संतुलन में मदद करता है और महिलाओं में मासिक धर्म की तकलीफों को कम कर सकता है।

बेहतर नींद: यह तंत्रिका तंत्र (Nervous System) को शांत करके अच्छी नींद पाने में मदद करता है।

 

अमृता कुमारी – नेशन्स न्यूट्रीशन                             क्वालीफाईड डायटीशियन                                       डायबिटीज एजुकेटर अहमदाबाद

By AMRITA

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