दूध एक सुपरफूड है जिसे हमारे आहार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है क्योंकि ये विटामिन्स और कंपाउड्स से भरपूर है। हम सभी ने कई तरह के डेयरी मिल्क जैसे गाय का दूध, भैंस का दूध, ऊंट का दूध, बकरी का दूध के बारे में सुना है। वेगन डाइट फॉलो करने वाले दूध में बादाम मिल्क, काजू मिल्क, जई का दूध, नारियल का दूध और सोया दूध का सेवन करते हैं।
- A1 दूध हेल्थ पर कई तरह से इफेक्ट् करता है। इसमें मौजूद BCM-7 या Beta Casomorphin-7 की उपस्थिति केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (nervous system) पर मॉर्फिन जैसे प्रभाव को पैदा करती है। एक बार जो भी इसका सेवन करता है इसे अपनी आदत में उतार सकता है और ये तंत्रिका विकार (neuro disorders) के लिए भी जिम्मेदार हो सकता है। साथ ही ये हमारी लर्निंग स्किन्स को भी इफेक्ट कर सकता है।
- हाई लैक्टोज इंटोलरेंस के साथ, ए 1 दूध के प्रकार में कार्बोहाइड्रेट और फैट की मात्रा पाई जाती है जो मनुष्यों की गट यानी आंत में अनहेल्दी बैक्टीरिया के विकास को बढ़ावा दे सकते है और इसे पीने से बच्चों क इम्यूनिटी भी कम हो जाती है।
- इतना ही नहीं, A1 दूध आपके इंटरनल हार्मोनल सिस्टम पर भी नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। इसके सेवन से टाइप 1 मधुमेह और दिल की बीमारी का जोखिम भी बढ़ सकता है।
- A1 दूध में हिस्टामाइन भी होता है जो बच्चों में त्वचा एलर्जी, बहती नाक, अस्थमा और खांसी का कारण बन सकता है। इस दूध में लिपिड भी होते हैं जो बच्चों के चयापचय को प्रभावित कर सकते हैं।
- यहां तक कि ये मिल्क बच्चों में मधुमेह और मोटापे जैसे दीर्घकालिक जोखिम को भी पैदा कर सकता है।
- भारतीय नस्ल की गायों जैसे साहीवाल, गिर, लाल सिंधी आदि से प्राप्त किया गया दूध A2 मिल्क की श्रेणी में आता है। इस मिल्क में A2 कैसिइन प्रोटीन पाया जाता है जिस वजह से इसका नाम A2 मिल्क रखा गया है। ये मिल्क ब्रेस्टफीडिंग से प्राप्त दूध, भैंसों, बकरियों और भेड़ों के समान ही होता है।
- 4. A2 दूध का स्वास्थ्य पर प्रभाव
- A2 टाइप के दूध के सेवन से कई स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं, क्योंकि यह बेहतर प्रतिरक्षा यानी इम्यूनिटी को बूस्ट करता है।
- A2 दूध में प्रोलाइन की उपस्थिति बीटा कैसोमोर्फिन -7 को हमारे शरीर तक पहुंचने से रोकने में मदद करती है, साथ ही ऑटिज्म और न्यूरो विकारों जैसी पुरानी बीमारियों से भी बचाव करती है।
- A2 दूध के प्रकार में ओमेगा -3 फैटी एसिड होता है जो कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में मदद करता है। इसके अतिरिक्त इसमें मौजूद पोटेशियम से ब्लड शुगर लेवल को भी कंट्रोल करने में मदद मिलती है।
- इस प्रकार के दूध में विटामिन ए होता है जिससे ये आपकी आंखों की सेहत के लिए लाभकारी है। आपको आपकी आंखों की रोशनी बढ़ाता है और मोतियाबिंद जैसी समस्याओं को रोकता है।