
सेहत से जुड़ी हर एक परेशानी हमारे शरीर पर कुछ न कुछ संकेत जरूर छोड़ती हैं. जैसे आंखों का पीला पड़ता रंग पीलिया की ओर इशारा करता है. नाखुनों पर पड़े सफेद निशान बॉडी में कैल्शियम की कमी की ओर संकेत करते हैं.
अधिकतर बीमारियों को आंखों के हाल से पहचाना जा सकता है, लेकिन कुछ बीमारियों के संकेत होंठों से भी मिलते हैं. होंठों के नैचुरल कलर में आने वाला चेंज भी बॉडी में हो रही समस्याओं की ओर इशारा करता है. आइए जानते हैं होंठों के रंग में आने वाले बदलाव से किस तरह से बीमारियों की पहचान की जा सकती है.
सेहत के बदलत ढंग से होठों का बदलता रंग

होंठों का रंग पीला या सफेद पड़ना : अगर किसी के होंठों का रंग पीला या फिर सफेद पड़ने लगा है तो यह कुछ गंभीर बीमारियों की ओर संकेत करता है. यह सबसे ज्यादा एनीमिया से पीड़ित लोगों में लक्षण के रूप में प्रकट होता है. बॉडी में खून की कमी के कारण होंठों का रंग सफेद नजर आने लगता है. पीलिया के कारण लिप्स पीले रंग के नजर आने लगते हैं.

होंठों का रंग ज्यादा लाल होना : अगर किसी के होंठ कुछ ज्यादा ही लाल रंग के नजर आ रहे हों, तो यह लिवर में किसी तरह की परेशानी की ओर इशारा है. लिवर में एलर्जी बढ़ने के लक्षण के रूप में होंठों का रंग लाल पड़ना सामने आता है. ऐसी स्थिति में हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह जरूर लेनी चाहिए.

होंठों का रंग जामुनी होना : अगर होठों का रंग जामुनी नजर आ रहा हो तो यह ज्यादा ठंड लगने का इशारा हो सकता है. फेफड़ों और दिल से जुड़ी बीमारियों की वजह से भी होंठों का रंग जामुनी पड़ने लगता है. पेट और पाचन में गड़बड़ी के कारण भी होंठों का रंग बदलकर जामुनी हो जाता है. इस स्थिति में हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेनी चाहिए.
अमृता, नेशन्स न्यूट्रिशन (क्वालीफाईड डायटीशियन एडुकेटर अहमदाबाद)

