पेप्टिक अल्सर (Peptic Ulcer) आपके पेट या छोटी आंत के ऊपरी हिस्से की अंदरूनी परत पर होने वाले दर्दनाक घाव या छाले होते हैं। यह समस्या तब होती है जब भोजन पचाने वाला एसिड (पाचक रस) पेट की सुरक्षात्मक श्लेष्मा (म्यूकस) परत को नुकसान पहुँचाने लगता है।

पेप्टिक अल्सर (Peptic Ulcer) पाचन तंत्र की अंदरूनी सतह पर होने वाले दर्दनाक खुले घाव या छाले होते हैं। हमारे पेट में भोजन पचाने के लिए बहुत ही शक्तिशाली हाइड्रोक्लोरिक एसिड और पेप्सिन नामक एंजाइम बनते हैं। सामान्य तौर पर, पेट की अंदरूनी परत पर मौजूद म्यूकस (श्लेष्मा) की एक चिकनी परत इस एसिड से पेट की रक्षा करती है। लेकिन जब किसी कारणवश यह सुरक्षात्मक परत कमजोर हो जाती है या एसिड की मात्रा अत्यधिक बढ़ जाती है, तो यह एसिड पेट की दीवारों को ही नुकसान पहुंचाने लगता है, जिससे वहां छाले या घाव बन जाते हैं।

 

पेप्टिक अल्सर मुख्य रूप से दो प्रकार के होते हैं:

गैस्ट्रिक अल्सर (Gastric Ulcer): जब यह घाव पेट (आमाशय) की अंदरूनी परत पर होता है। इसमें अक्सर खाना खाने के बाद पेट का दर्द बढ़ जाता है।

ड्यूडनल अल्सर (Duodenal Ulcer): जब यह घाव छोटी आंत के ऊपरी हिस्से (ग्रहणी या ड्यूडनम) में होता है। इसमें आमतौर पर खाली पेट दर्द होता है और भोजन करने के बाद आराम मिलता है।

 

पेप्टिक अल्सर के मुख्य लक्षण

 

🔹पेट के ऊपरी हिस्से में जलन या तेज दर्द होना।

🔹खाली पेट रहने पर दर्द का अत्यधिक बढ़ जाना (विशेषकर रात के समय)।

🔹पेट फूलना, खट्टी डकारें आना या भारीपन महसूस होना।

🔹मतली (जी मिचलाना) या उल्टी होना।

🔹बिना किसी कारण के वजन कम होना या भूख न लगना।

🔹गंभीर मामलों में काले रंग का मल आना या उल्टी में खून आना (जो अंदरूनी ब्लीडिंग का संकेत है)।

 

 पेप्टिक अल्सर होने के प्रमुख कारण

 

एच. पाइलोरी बैक्टीरिया (H. pylori Infection): यह पेप्टिक अल्सर का सबसे आम कारण है। यह बैक्टीरिया पेट की सुरक्षात्मक परत को नष्ट कर देता है।

दर्द निवारक दवाएं (NSAIDs): एस्पिरिन, इबुप्रोफेन जैसी दर्द मिटाने वाली दवाओं का लंबे समय तक या अत्यधिक इस्तेमाल करना।

खराब जीवनशैली: अत्यधिक मात्रा में शराब का सेवन, धूम्रपान और बहुत ज्यादा तीखा या मसालेदार भोजन खाना।

मानसिक तनाव: हालांकि तनाव सीधे तौर पर अल्सर नहीं बनाता, लेकिन यह पहले से मौजूद अल्सर की समस्या को बहुत गंभीर कर देता है।

 

जांच और इलाज

 

डॉक्टर आमतौर पर इसका पता लगाने के लिए एंडोस्कोपी (Endoscopy) या एच. पाइलोरी बैक्टीरिया की जांच करते हैं। इसके इलाज के लिए डॉक्टर एसिड कम करने वाली दवाएं (जैसे एंटासिड या प्रोटॉन पंप इनहिबिटर) और बैक्टीरिया को खत्म करने के लिए एंटीबायोटिक्स कोर्स की सलाह देते हैं।

By AMRITA

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