साइटिका (Sciatica) कोई बीमारी नहीं है, बल्कि साइटिक तंत्रिका (Sciatic Nerve) में सूजन, चोट या दबाव के कारण होने वाला तंत्रिका दर्द (Nerve Pain) है। यह तंत्रिका हमारे शरीर की सबसे लंबी और मोटी नस होती है, जो पीठ के निचले हिस्से (कमर) से शुरू होकर नितंबों (हिप्स) और पैरों से होती हुई पैरों की उंगलियों तक जाती है। जब इस नस पर दबाव पड़ता है, तो कमर से लेकर पैर के नीचे तक तेज, बिजली के झटके जैसा दर्द महसूस होता है जिसे ‘शूटिंग पेन’ या ‘रेडिएटिंग पेन’ कहते हैं।

 

प्रमुख लक्षण

साइटिका का दर्द आमतौर पर शरीर के केवल एक तरफ के हिस्से को प्रभावित करता है। इसके मुख्य लक्षण निम्नलिखित हैं:

 

तेज दर्द: पीठ के निचले हिस्से या नितंब से शुरू होकर पैर के पीछे से नीचे की ओर जाने वाला दर्द।

सुन्नपन: प्रभावित पैर या पंजे में सुन्नपन या कमजोरी महसूस होना।

झुनझुनी: पैर या उंगलियों में सुई चुभने जैसी झुनझुनी होना।

चलने में दिक्कत: खड़े होने, चलने या खांसने-छींकने पर दर्द का बहुत अधिक बढ़ जाना।

 

साइटिक नस पर दबाव पड़ने की वजह कई चिकित्सीय स्थितियां हो सकती हैं:

स्लिप डिस्क (Herniated Disk): रीढ़ की हड्डियों के बीच की गद्दी (डिस्क) का खिसक कर नस को दबाना इसका सबसे आम कारण है।

स्पाइनल स्टेनोसिस (Spinal Stenosis): बढ़ती उम्र के कारण रीढ़ की हड्डी की नली का संकुचित या संकरा हो जाना।

पिरिफॉर्मिस सिंड्रोम (Piriformis Syndrome): नितंबों की मांसपेशियों में ऐंठन के कारण साइटिक नस का दब जाना।

हड्डी का बढ़ना (Bone Spurs): रीढ़ की हड्डी पर अतिरिक्त हड्डी का विकसित हो जाना।

 

निदान और उपचार

 

अधिकतर मामलों में साइटिका बिना किसी गंभीर समस्या के समय के साथ (4 से 6 हफ्तों में) खुद ठीक हो जाता है। गंभीर मामलों में डॉक्टर निम्नलिखित सलाह देते हैं:

 

दवाएं: दर्द और सूजन को कम करने वाली दवाएं (Painkillers)।

फिजियोथेरेपी: स्ट्रेचिंग और पीठ को मजबूत बनाने वाले विशेष व्यायाम।

गर्म या ठंडी सिकाई: दर्द से तुरंत राहत पाने के लिए प्रभावित हिस्से की सिकाई करना।

सर्जरी: यदि दर्द असहनीय हो और पैर काम करना बंद कर दें, तो बहुत ही दुर्लभ मामलों में डिस्क की सर्जरी की जाती है।

By AMRITA

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