
अक्सर जब हम वेट लॉस या फैट लॉस के लिए फास्टिंग या एक्सरसाइज शुरू करते हैं, हमारा मसल्स भी लॉस होने लगता है।
मांसपेशियों को कम होने से रोकने के लिए कुछ बातों का खास ध्यान रखना जरूरी हो जाता है।आइए जानते हैं कौन सी वो बातें हैं जिसका हमें विशेष रूप से ध्यान रखना चाहिए।
पर्याप्त प्रोटीन खाएं
सबसे जरूरी है रोजाना पर्याप्त प्रोटीन खाना। प्रोटीन मांसपेशियों को रिपेयर और उन्हें बनाए रखने में मदद करता है। अंडे, दूध, दही, पनीर, टोफू, दाल, चिकन, मछली, अंकुरित अनाज, मेवे और बीन्स प्रोटीन के अच्छे सोर्स में से एक हैं। पूरे दिन का प्रोटीन एक ही बार में खाने के बजाय, उसे अपने खाने के हर मील में थोड़ा-थोड़ा करके शामिल करना चाहिए।”
स्ट्रेंथ ट्रेनिंग या रेजिस्टेंस एक्सरसाइज करें
मांसपेशियों को कम होने से रोकने के लिए स्ट्रेंथ ट्रेनिंग या रेजिस्टेंस एक्सरसाइज भी बहुत जरूरी है। वेट ट्रेनिंग (weight training), बॉडीवेट एक्सरसाइज, रेजिस्टेंस बैंड या योग जैसी एक्टिविटीज शरीर को फैट बर्न करते समय मांसपेशियों को बचाने का संकेत दे सकती हैं। बिना एक्सरसाइज के सिर्फ फास्टिंग पर निर्भर रहने से मांसपेशियों के नुकसान का खतरा बढ़ सकता है।”
ज्यादा फास्टिंग से बचें
बहुत ज्यादा फास्टिंग या बहुत कम कैलोरी वाली डाइट से बचना चाहिए। लंबे समय तक फास्टिंग और खराब पोषण शरीर को एनर्जी के लिए मांसपेशियों को तोड़ने पर मजबूर कर सकते हैं। मध्यम फास्टिंग तरीकों (moderate fasting methods), जैसे 12:12 या 14:10 फास्टिंग से शुरुआत करना आमतौरे पर ज्यादा सेफ होता है और इसे बनाए रखना भी आसान होता है।”
खाने का टाइम फिक्स रखें
मांसपेशियों को स्वस्थ रखने के लिए खाने का सही टाइम भी मायने रखता है। एक्सरसाइज के बाद प्रोटीन और हेल्दी कार्बोहाइड्रेट वाला बैलेंस खाना मांसपेशियों की रिकवरी में मदद कर सकता है। साथ ही, साबुत अनाज, फल, सब्जियां, हेल्दी फैट्स और पर्याप्त मात्रा में पानी पीना भी एनर्जी और मांसपेशियों के स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए जरूरी है।”
नींद और स्ट्रेस को मैनेज करें
नींद और स्ट्रेस को मैनेज करने से भी मांसपेशियों को बचाने में मदद मिल सकती है। खराब नींद और ज्यादा स्ट्रेस कोर्टिसोल के स्तर को बढ़ा सकते हैं, जिसका मांसपेशियों की रिकवरी और फैट के कम होने की प्रक्रिया पर बुरा असर पड़ सकता है। ऐसे में अच्छे स्वास्थ्य के लिए 7-8 घंटे की नींद लेना और नियमित फिजिकल एक्टिविटीज बनाए रखना जरूरी है।”
किन लोगों को रहना चाहिए सावधान?
जो लोग ज्यादा उम्र के हैं, जिनका वजन कम है, जो शारीरिक रूप से कमजोर हैं या जो किसी बीमारी से उबर रहे हैं, उन्हें फास्टिंग करते समय ज्यादा सावधान रहना चाहिए क्योंकि वे ज्यादा आसानी से मांसपेशियां खो सकते हैं। अगर किसी व्यक्ति को बहुत ज्यादा कमजोरी, चक्कर आना या तेजी से वजन कम होने का अनुभव होता है, तो उसे डॉक्टरी सलाह लेनी चाहिए।”
फैट लॉस का हेल्दी तरीका अपनाएं
हेल्दी तरीके से फैट धीरे-धीरे कम होना चाहिए। इसके लिए लाइफस्टाइल से जुड़ी कुछ आदतों को अपनाया जा सकता है।
बैलेंस डाइट
पर्याप्त प्रोटीन लें
नियमित एक्सरसाइज करें
थोड़ी फास्टिंग (moderate fasting) करें
इन सभी बातों का मेल मांसपेशियों को बचाते हुए फैट कम करने का सबसे सेफ तरीका है।”
परामर्श
इंटरमिटेंट फास्टिंग के दौरान फैट के साथ मसल्स को कम होने से रोकने प्रोटीन रिच डाइट लें, नियमित एक्सरसाइज करें, ज्यादा फास्टिंग से बचें, खाने का टाइम फिक्स करें, स्ट्रेस और नींद को मैनेज करें। ऐसा करने से शरीर के फैट को हेल्दी तरीकों से कम करने में मदद मिलती है। ध्यान रहे, स्वास्थ्य से जुड़ी अधिक समस्या महसूस होने और वजन कम करने की कोशिश के बाद भी वजन कम न होने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
