नॉन-अल्कोहलिक एसाइटिस (Non-Alcoholic Ascites) का मतलब है पेट में तरल पदार्थ (पानी) का जमा होना, जिसका कारण शराब का सेवन नहीं है। यद्यपि एसाइटिस का सबसे आम कारण शराब से संबंधित सिरोसिस है, लेकिन बिना शराब पिए भी पेट में पानी भर सकता है।

 

नॉन-अल्कोहलिक एसाइटिस के कारण

यह स्थिति कई गंभीर शारीरिक समस्याओं का संकेत हो सकती है:

नॉन-अल्कोहलिक लिवर सिरोसिस: फैटी लिवर, हेपेटाइटिस (B या C), या अन्य कारणों से लिवर खराब होना।

हृदय की विफलता (Heart Failure): जब दिल शरीर से खून को सही ढंग से पंप नहीं कर पाता, जिससे दबाव के कारण पेट में पानी भरता है।

कैंसर: अंडाशय (ovary), पेट, अग्न्याशय (pancreas) या यकृत का कैंसर।

आंतों की टीबी (TB): पेट के अंदरूनी हिस्से में टीबी का संक्रमण।

गुर्दे की बीमारी (Kidney Disease): किडनी का सही ढंग से काम न करना।

 

लक्षण

पेट में अत्यधिक सूजन और दर्द: पेट का आकार तेजी से बढ़ना।

वजन बढ़ना: बहुत कम समय में अचानक वजन का बढ़ जाना।

सांस लेने में कठिनाई: तरल पदार्थ के कारण डायाफ्राम पर दबाव पड़ना।

पैरों और टखनों में सूजन (Edema): पैर के टखने पर दबाने से गड्ढा पड़ना।

पेट भरा हुआ महसूस होना या मतली: भूख न लगना।

 

निदान और उपचार

निदान:

डॉक्टर अल्ट्रासाउंड के जरिए पेट में पानी की पुष्टि करते हैं और यदि आवश्यक हो, तो सुई के माध्यम से पानी का नमूना लेकर जांच की जाती है (पैरासेंटेसिस)।

उपचार:

नमक कम करना: भोजन में सोडियम (नमक) की मात्रा कम करना सबसे महत्वपूर्ण है।

दवाएं (Diuretics): पेट से पानी निकालने के लिए मूत्रवर्धक गोलियां दी जाती हैं।

पैरासेंटेसिस: यदि तरल बहुत ज्यादा हो, तो सुई डालकर पेट से पानी निकाला जाता है।

मूल कारण का इलाज: यदि टीबी है तो टीबी का इलाज, हृदय रोग है तो दिल का इलाज।

परामर्श:

यदि पेट में तेजी से सूजन आ रही है या सांस लेने में दिक्कत हो रही है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें, क्योंकि यह संक्रमण का संकेत हो सकता है।

By AMRITA

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