विश्व पार्किंसंस दिवस (World Parkinson’s Day) हर साल 11 अप्रैल को मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य मस्तिष्क से संबंधित इस तेजी से फैलने वाली बीमारी (न्यूरोडीजेनेरेटिव विकार) के बारे में जागरूकता बढ़ाना है। यह दिन पार्किंसंस रोग के प्रारंभिक लक्षणों, उपचार और रोगियों के जीवन की गुणवत्ता सुधारने पर जोर देता है।

 

पार्किंसंस डे के विषय में ⇒

 

इतिहास: यह तारीख पार्किंसंस रोग का वर्णन करने वाले पहले चिकित्सक, डॉ. जेम्स पार्किंसन के जन्मदिन को समर्पित है।

उद्देश्य: बीमारी के बारे में गलतफहमियों को दूर करना, प्रारंभिक निदान (early detection) को बढ़ावा देना और रोगियों को सहायता प्रदान करना।

लक्षण: प्रमुख लक्षणों में हाथों-पैरों में कंपन (tremors), शरीर में अकड़न (rigidity), धीमी गति (bradykinesia), और संतुलन खोना शामिल हैं।

कारण: यह मस्तिष्क में ‘डोपामाइन’ नामक न्यूरोट्रांसमीटर बनाने वाली कोशिकाओं के नष्ट होने से होता है।

प्रतीक: पार्किंसंस का प्रतीक एक लाल और सफेद ट्यूलिप (Red and White Tulip) फूल है।

 

क्या है पार्किंसंस रोग? 

पार्किंसंस रोग (Parkinson’s Disease) एक प्रोग्रेसिव न्यूरोलॉजिकल विकार है, जो मस्तिष्क में डोपामाइन बनाने वाली कोशिकाओं के नष्ट होने से होता है। यह मुख्य रूप से शारीरिक गति, संतुलन और समन्वय को प्रभावित करता है, जिससे कंपन (tremors), अकड़न, और धीमी गति जैसी समस्याएं होती हैं। हालांकि इसका कोई पूर्ण इलाज नहीं है, लेकिन दवाएं और थेरेपी लक्षणों को प्रबंधित कर सकती हैं।

 

पार्किंसंस रोग के मुख्य लक्षण: 

आराम में कंपन (Resting Tremors): आमतौर पर हाथ, पैर या जबड़े में कंपन, जो आराम की स्थिति में होता है।

मांसपेशियों में अकड़न (Stiffness): शरीर के अंगों में जकड़न महसूस होना।

धीमी गति (Bradykinesia): दैनिक कार्यों को करने में बहुत अधिक समय लगना।

संतुलन में कमी (Postural Instability): गिरने का डर या संतुलन बनाए रखने में कठिनाई।

अन्य लक्षण: भावहीन चेहरा, धीमी आवाज, नींद की समस्या, थकान, और कब्ज।

 

कारण और जोखिम कारक: 

 

डोपामाइन की कमी: मस्तिष्क के एक विशेष हिस्से में तंत्रिका कोशिकाओं (neurons) के नष्ट होने से यह रसायन कम हो जाता है।

उम्र: आमतौर पर 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों में अधिक आम है।

जेनेटिक्स: कुछ मामलों में पारिवारिक इतिहास भूमिका निभाता है।

पर्यावरणीय कारक: विषाक्त पदार्थों या कीटनाशकों के लंबे समय तक संपर्क में रहना।

 

निदान और उपचार: 

 

निदान: इसका कोई सीधा परीक्षण नहीं है; डॉक्टर लक्षणों और शारीरिक परीक्षण के आधार पर diagnosis करते हैं।

दवाएं: लेवोडोपा (Levodopa) मुख्य दवा है, जो डोपामाइन के स्तर को बढ़ाने में मदद करती है।

अन्य उपचार: जीवनशैली में बदलाव, फिजियोथेरेपी, और उन्नत मामलों में डीप ब्रेन स्टिमुलेशन (DBS) सर्जरी।

 

परामर्श :

यदि लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत न्यूरोलॉजिस्ट से संपर्क करें ताकि उचित समय पर उपचार शुरू किया जा सके।

By AMRITA

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