
सांसो से संबंधित हर बीमारी तकलीफ देती है, जैसे कि अस्थमा, ब्रोंकाइटिस, साइनसाइटिस आदि।
साइनस (साइनसाइटिस) चेहरे की हड्डियों में मौजूद हवा से भरी कैविटी (गुहाओं) में सूजन या इन्फेक्शन है, जो एलर्जी, वायरस या बैक्टीरिया के कारण होता है। इसके कारण नाक बंद, सिरदर्द, चेहरे पर दबाव/दर्द और गाढ़ा बलगम जैसी समस्याएं होती हैं। यह तीव्र (कम समय) या जीर्ण (12 सप्ताह से अधिक) हो सकता है।
♦साइनस संक्रमण (साइनसाइटिस) के प्रमुख लक्षणों में गाढ़ा नाक स्राव, नाक बंद होना, चेहरे में दर्द या भारी दबाव (आंखों, माथे या गालों के आसपास), गंध की कमी, खांसी और बुखार शामिल हैं। यह दर्द झुकने या सिर हिलाने पर बढ़ सकता है। यह संक्रमण अक्सर वायरल, बैक्टीरिया या एलर्जी के कारण होता है।
साइनस संक्रमण के मुख्य लक्षण:
नाक संबंधी लक्षण: नाक बंद होना (कंजेशन), नाक से गाढ़ा पीला या हरा बलगम बहना।
चेहरे में दर्द और दबाव: माथे, आंखों के आसपास, गालों, या ऊपरी जबड़े में दर्द महसूस होना।
सिरदर्द: विशेष रूप से सुबह के समय या आगे झुकने पर सिर में भारीपन और दर्द।
अन्य लक्षण:
गले में बलगम: गले के पिछले हिस्से में बलगम का गिरना (पोस्टनेज़ल ड्रिप)।
खांसी: रात में खांसी तेज होना।
थकान और बुखार: शरीर में कमजोरी और हल्का बुखार।
स्वाद/गंध की कमी: सूंघने या स्वाद की क्षमता का कम होना।
कान में दर्द: कान भरा हुआ महसूस होना।
मुंह से बदबू आना: ब्रश करने और साफ सफाई के बावजूद मुंह से बदबू की शिकायत होना।
साइनस के कारण (Causes of Sinusitis)
वायरल संक्रमण: सर्दी-जुकाम के कारण।
एलर्जी: धूल, परागकण या एलर्जी से साइनस की परत में सूजन।
बैक्टीरियल इन्फेक्शन: जब बलगम जमा होने से बैक्टीरिया पनपते हैं।
अन्य: नाक की हड्डी बढ़ना (deviated septum), या नाक में पॉलीप्स होना।
घरेलू उपाय और बचाव (Home Remedies & Prevention)
भाप लेना (Steam Inhalation): गर्म पानी की भाप लेने से बंद नाक और साइनस में बहुत आराम मिलता है।
नेज़ल इरिगेशन: नमकीन पानी के घोल (Saline spray/Neti pot) से नाक साफ करना।
हाइड्रेशन: पर्याप्त मात्रा में पानी और गर्म तरल पदार्थ पिएं।
आराम: शरीर को आराम दें ताकि इम्यून सिस्टम संक्रमण से लड़ सके।
एलर्जी से बचें: धुएं, प्रदूषण और एलर्जी पैदा करने वाली चीजों से दूर रहें।
डॉक्टर को दिखाएं
यदि लक्षण 10 दिनों से अधिक समय तक बने रहते हैं, बार-बार साइनस संक्रमण होता है, या बुखार तेज हो, तो चिकित्सक से परामर्श करना आवश्यक है
