
जब कभी भी हमें बैठे – बैठे हिचकियाँ आने लगती है, हमें लगता है कोई अपना हमें दिल से याद कर रहा होगा। लेकिन, इसके पीछे वैज्ञानिक कारण है।
हिचकी मुख्य रूप से डायाफ्राम (छाती और पेट के बीच की मांसपेशी) में अचानक और अनैच्छिक ऐंठन के कारण आती है, जिससे वोकल कॉर्ड तेजी से बंद हो जाती है। इसके आम कारणों में बहुत तेजी से खाना, मसालेदार भोजन, कार्बोनेटेड पेय, शराब, बहुत ज्यादा तनाव, या अचानक तापमान में बदलाव शामिल हैं।
हिचकी आने के प्रमुख कारण:
खान-पान की आदतें: जल्दी-जल्दी खाना, बहुत अधिक भोजन करना, मसालेदार या गर्म-ठंडा खाना एक साथ खाना।
पेय पदार्थ: कार्बोनेटेड (गैस वाले) पेय या अल्कोहल का सेवन।
हवा निगलना: च्युइंग गम चबाने या बात करते हुए ज्यादा हवा पेट में जाने से (एरोफैगिया)।
भावनात्मक कारक: अत्यधिक उत्तेजना, तनाव, घबराहट या डर।
तापमान में बदलाव: बहुत गर्मी से अचानक बहुत ठंडे वातावरण में जाना।
चिकित्सीय कारण (लगातार हिचकी के लिए): पेट में गैस/एसिडिटी, नसों में जलन, या कुछ दवाओं के साइड इफेक्ट।
डॉक्टर को कब दिखाएं?
यदि हिचकी 48 घंटे से अधिक समय तक बनी रहती है या बहुत बार-बार आती है, तो यह किसी अंतर्निहित स्वास्थ्य समस्या (जैसे गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल या न्यूरोलॉजिकल) का संकेत हो सकती है।
घरेलू उपाय
सामान्य तौर पर, सांस रोककर रखना, ठंडा पानी पीना, या पेपर बैग में सांस लेने से हिचकी ठीक हो सकती है।
