कई बार सिर्फ हमारा अधिक या गलत भोजन करना ही वजन बढ़ाने का मुख्य कारण नहीं होता। बल्कि कई बार इसके मुख्य कारण होते हैं हमारी लापरवाह जीवन शैली और हमारे पाचन क्रिया का सुस्त होना जिसे हम स्लो मेटाबॉलिक प्रक्रिया भी बोलते हैं।

मेटाबॉलिज्म वह प्रक्रिया है जिससे आपका शरीर भोजन को ऊर्जा में बदलता है। यह पता करने के लिए कि आपका मेटाबॉलिज्म तेज है या धीमा, आप इन संकेतों पर ध्यान दे सकते हैं:
धीमे मेटाबॉलिज्म के लक्षण  :
  वजन बढ़ना: कम खाने के बावजूद वजन का बढ़ना या कड़ी मेहनत के बाद भी वजन कम न होना।
     थकान और सुस्ती: रात को अच्छी नींद लेने के बाद भी दिन भर थकान और कमजोरी महसूस होना।
     पाचन संबंधी समस्याएं: बार-बार गैस, ब्लोटिंग (पेट फूलना) या कब्ज की शिकायत रहना।
     त्वचा और बालों में बदलाव: त्वचा का रूखा होना और बालों का अधिक झड़ना।
     ठंड लगना: सामान्य तापमान में भी दूसरों की तुलना में अधिक ठंड महसूस होना।
तेज मेटाबॉलिज्म के लक्षण
  • वजन न बढ़ना: आप काफी कैलोरी लेते हैं, फिर भी आपका वजन आसानी से नहीं बढ़ता।
  • अधिक भूख लगना: खाना खाने के कुछ ही समय बाद दोबारा भूख महसूस होना।
  • शरीर का तापमान: अक्सर शरीर का तापमान थोड़ा अधिक रहना या अधिक पसीना आना।
  • ऊर्जा का स्तर: दिन भर सक्रिय महसूस करना और सुस्ती कम होना।
आप इसे कैसे माप सकते हैं?
आप अपना BMR (Basal Metabolic Rate) कैलकुलेट करवा सकते हैं। यह बताता है कि आराम की स्थिति में आपका शरीर कितनी कैलोरी बर्न करता है।

 

मेटाबोलिज्म सही करने के लिए क्या करें

मेटाबॉलिज्म (चयापचय) तेज करने के लिए प्रोटीन युक्त भोजन करें, स्ट्रेंथ ट्रेनिंग (वजन उठाना) अपनाएं, खूब पानी पिएं और पर्याप्त नींद (7-9 घंटे) लें। मिर्च, हरी चाय (ग्रीन टी), और फाइबर से भरपूर दालें/सब्जियां खाएं। भोजन समय पर करें और छोटे अंतराल पर खाएं।

 

मेटाबॉलिज्म बढ़ाने के प्रभावी तरीके:

प्रोटीन का सेवन बढ़ाएं: प्रोटीन युक्त भोजन (दालें, अंडे, मछली, टोफू) चयापचय को काफी बढ़ा देते हैं, क्योंकि शरीर को उन्हें पचाने के लिए अधिक ऊर्जा चाहिए।

स्ट्रेंथ ट्रेनिंग (व्यायाम): वजन उठाने वाले व्यायाम (Weight training) करने से मांसपेशियों का निर्माण होता है, जो आराम करते समय भी अधिक कैलोरी बर्न करती हैं।

पर्याप्त पानी पिएं: ठंडा पानी पीने से शरीर का तापमान बनाए रखने के लिए कैलोरी जलती है। सुबह उठकर गुनगुना पानी, जीरे का पानी या नींबू पानी पीना भी फायदेमंद है।

तीखा भोजन (Spicy Food): मिर्च में मौजूद ‘कैप्साइसिन’ चयापचय को बढ़ाने में मदद करता है।

हरी चाय (Green Tea) : प्रतिदिन 2-3 कप ग्रीन टी पीने से फैट ऑक्सीडेशन और चयापचय तेज होता है।

अच्छी नींद : 7-9 घंटे की गुणवत्तापूर्ण नींद चयापचय को स्वस्थ रखती है।

छोटे अंतराल पर खाएं : बहुत देर भूखे रहने की बजाय, थोड़े-थोड़े समय में संतुलित भोजन करें।

 

मेटाबॉलिज्म धीमा करने वाली आदतों से बचें:

♦ खाना न छोड़ें (Skip न करें)।

♦ बहुत अधिक प्रोसेस्ड (Packaged) भोजन से बचें।

♦ तनाव कम करें (योगा/ध्यान का अभ्यास करें)।

By AMRITA

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