इमली की खट्टी-मीठी कैंडी का नाम सुनते ही बचपन की यादें ताजा हो जाती हैं। इसका खट्टा-मीठा स्वाद बच्चों के साथ-साथ बड़ों को भी खूब पसंद आता है। हालांकि बाजार में मिलने वाली इमली कैंडी में अक्सर ज्यादा चीनी, रंग और प्रिजर्वेटिव्स मिलाए जाते हैं, जो सेहत के लिए हमेशा अच्छे नहीं माने जाते।

ऐसे में अगर आप चाहें तो घर पर ही बिना चीनी के स्वादिष्ट और हेल्दी इमली की कैंडी बना सकते हैं। घर पर बनी कैंडी न सिर्फ स्वाद में लाजवाब होती है बल्कि इसमें आप अपनी पसंद के मसाले भी मिला सकते हैं। इसे बनाना भी बेहद आसान है और इसमें ज्यादा समय या मेहनत नहीं लगती। खास बात यह है कि इसमें चीनी की जगह गुड़ या खजूर जैसी हेल्दी चीजें इस्तेमाल की जा सकती हैं, जिससे इसका स्वाद भी बना रहता है और सेहत की चिंता भी कम होती है। अगर आप बच्चों के लिए कुछ टेस्टी और हेल्दी स्नैक बनाना चाहते हैं, तो यह खट्टी-मीठी इमली कैंडी एक बेहतरीन विकल्प हो सकती है। आइए जानते हैं इसे बनाने की आसान रेसिपी।

 

इमली की कैंडी बनाने के लिए सामग्री:

 

1 कप इमली का गूदा, 2-3 चम्मच गुड़ पाउडर या खजूर का पेस्ट, आधा चम्मच काला नमक, आधा चम्मच भुना जीरा पाउडर, आधा चुटकी भर लाल मिर्च पाउडर

 

इमली की कैंडी बनाने की विधि?

 

पहला स्टेप: सबसे पहले इमली के गूदे को एक पैन में डालकर धीमी आंच पर हल्का गर्म करें।

 

दूसरा स्टेप: इसमें गुड़ पाउडर या खजूर का पेस्ट डालकर अच्छी तरह मिला लें।

 

तीसरा स्टेप: अब काला नमक, भुना जीरा पाउडर और लाल मिर्च पाउडर डालकर मिश्रण को गाढ़ा होने तक पकाएं।

 

चौथा स्टेप: जब मिश्रण थोड़ा ठंडा हो जाए तो छोटे-छोटे बॉल या कैंडी का आकार बना लें।

 

पांचवा स्टेप: चाहें तो इन्हें थोड़ी देर के लिए फ्रिज में रख दें, ताकि कैंडी अच्छी तरह सेट हो जाए।

 

छठा स्टेप: अब आपकी खट्टी-मीठी इमली कैंडी तैयार है, जिसे आप बच्चों को टिफिन में भी दे सकते हैं।

 

इमली (Tamarind) पोषक तत्वों का पावरहाउस है, जिसमें मुख्य रूप से विटामिन B1 (थायमिन), विटामिन B2 (राइबोफ्लेविन), विटामिन B3 (नियासिन), पोटेशियम, मैग्नीशियम, आयरन और फास्फोरस प्रचुर मात्रा में होते हैं। यह विटामिन C, एंटीऑक्सीडेंट (पॉलीफेनॉल), फाइबर और टार्टरिक एसिड का भी बेहतरीन स्रोत है, जो पाचन, हृदय स्वास्थ्य और रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है।

 

इमली में प्रमुख पौष्टिक तत्व (100 ग्राम में लगभग):

विटामिन: विटामिन B1 (दैनिक आवश्यकता का 43% तक), B2, B3 और विटामिन C।

खनिज: पोटेशियम (628 मिलीग्राम), मैग्नीशियम, आयरन, कैल्शियम और फास्फोरस।

फाइबर: उच्च मात्रा में आहार फाइबर, जो पाचन के लिए बहुत अच्छा है।

एंटीऑक्सीडेंट: पॉलीफेनॉल और फ्लेवोनोइड्स, जो शरीर को सूजन और ऑक्सीडेटिव तनाव से बचाते हैं।

अन्य: टार्टरिक एसिड (जो खटास देता है) और कम मात्रा में प्रोटीन।

 

इमली के स्वास्थ्य लाभ:

बेहतर पाचन: उच्च फाइबर और रेचक गुणों के कारण यह कब्ज से राहत दिलाने में सहायक है।

हृदय स्वास्थ्य: पोटेशियम और एंटीऑक्सीडेंट्स ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने और खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करते हैं।

रोग प्रतिरोधक क्षमता: विटामिन C और अन्य एंटीऑक्सीडेंट्स संक्रमण से लड़ने में मदद करते हैं।

ऊर्जा और वजन प्रबंधन: यह शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है और इसमें हाइड्रॉक्सीसिट्रिक एसिड

 

अमृता कुमारी – नेशन्स न्यूट्रीशन                              क्वालीफाईड डायटीशियन                                      डायबिटीज एजुकेटर, अहमदाबाद

By AMRITA

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