महिलाओं में थायराइड की समस्या बहुत आम हो रही है जिसकी खास वजह है हॉर्मोन का असंतुलन और सही समय पर लक्षणों की पहचान न कर पाना। यदि सही समय पर शुरुआती लक्षणों की पहचान हो जाती है तो थायराइड और उससे जुड़ी अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का इलाज पूरी तरह संभव है।

 

थायराइड के लक्षण

ठंड ज्यादा लगना

 

अगर मौसम सामान्य है लेकिन आपको दूसरों की तुलना में ज्यादा ठंड महसूस हो रही है, तो यह संकेत हो सकता है कि आपका मेटाबॉलिज्म धीमा पड़ रहा है. थायरॉयड हार्मोन कम होने पर शरीर कम ऊर्जा बनाता है, जिससे ठंड ज्यादा लगती है.

 

एकाग्रता में कमी व भूलने की समस्या

 

बार-बार भूलना, फोकस न कर पाना या दिमाग सुस्त महसूस होना भी थायरॉयड की गड़बड़ी का संकेत हो सकता है. हार्मोन असंतुलन दिमागी काम करने की क्षमता को प्रभावित करता है.

 

पीरियड्स में बदलाव

 

महिलाओं में पीरियड्स का ज्यादा आना, अनियमित होना या सामान्य से भारी ब्लीडिंग होना थायरॉयड समस्या से जुड़ा हो सकता है. हार्मोनल असंतुलन सीधे पीरियड्स साइकिल को प्रभावित करता है.

 

बिना वजह वजन बढ़ना

 

अगर खान-पान में खास बदलाव नहीं है, फिर भी वजन बढ़ रहा है, तो यह धीमे मेटाबॉलिज्म का संकेत हो सकता है. थायरॉयड हार्मोन कम होने पर शरीर कैलोरी को धीरे-धीरे जलाता है.

 

त्वचा का रूखा और सूखा होना

 

त्वचा का बेजान और ड्राई हो जाना, बालों का खुरदुरा होना भी थायरॉयड असंतुलन की ओर इशारा कर सकता है.

 

इन लोगों को थायराइड का खतरा ज्यादा 

 

थायरॉयड की बीमारी होने का खतरा कुछ लोगों में ज्यादा होता है. खासकर महिलाओं में यह समस्या पुरुषों की तुलना में कई गुना अधिक देखी जाती है. अगर परिवार में पहले से किसी को थायरॉयड की दिक्कत रही हो तो जोखिम बढ़ जाता है. 60 वर्ष से अधिक उम्र, खासतौर पर महिलाओं में, यह संभावना और बढ़ जाती है. जिन लोगों को टर्नर सिंड्रोम है, सिर या गर्दन पर रेडिएशन थेरेपी ले चुके हैं, या ऐसी दवाएं ले रहे हैं जिनमें आयोडीन की मात्रा ज्यादा होती है, उन्हें भी सावधान रहने की जरूरत है.

 

 डॉक्टर की सलाह जरूर लें

 

अगर ये लक्षण कई हफ्तों से बने हुए हैं या धीरे-धीरे बढ़ रहे हैं, तो खून की जांच TSH, T3, T4 करवाना जरूरी है. समय रहते इलाज शुरू हो जाए तो थायरॉयड को कंट्रोल में रखा जा सकता है. थायरॉयड की बीमारी आम है, लेकिन सही समय पर पहचान और इलाज न हो तो यह हार्ट, वजन, मानसिक स्वास्थ्य और प्रजनन क्षमता तक को प्रभावित कर सकती है. इसलिए शरीर के संकेतों को हल्के में न लें.

 

अमृता कुमारी – नेशन्स न्यूट्रीशन                              क्वालीफाईड डायटीशियन                                       डायबिटीज एजुकेटर, अहमदाबाद

By AMRITA

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