
हाशिमोटो थायरॉयडिटिस (Hashimoto’s Thyroiditis) एक ऑटोइम्यून विकार है, जिसमें प्रतिरक्षा प्रणाली गलती से थायरॉइड ग्रंथि पर हमला करती है और उसे नष्ट कर देती है। यह हाइपोथायरायडिज्म (कम सक्रिय थायरॉइड) का सबसे आम कारण है। इसमें थकान, वजन बढ़ना, ठंड लगना, और बाल झड़ने जैसे लक्षण प्रमुख हैं। इसका उपचार आमतौर पर जीवन भर हार्मोन रिप्लेसमेंट दवाओं द्वारा किया जाता है।
हाशिमोटो थायरॉयडिटिस
इसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली थायरॉइड कोशिकाओं को दुश्मन समझकर उन पर हमला करने वाली एंटीबॉडी (एंटी-टीपीओ और एंटी-टीजी) बनाती है।
परिणाम: थायरॉइड में सूजन (थायरॉइडाइटिस) आती है और अंततः यह पर्याप्त हार्मोन नहीं बना पाता, जिससे हाइपोथायरायडिज्म होता है।
लक्षण: थकान, वजन बढ़ना, पीला या फूला हुआ चेहरा, ठंड लगना, जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द, कब्ज, और बालों का झड़ना।
कारण: सटीक कारण अज्ञात है, लेकिन आनुवंशिकता (genetics), लिंग (महिलाओं में अधिक), और उम्र (मध्य आयु) मुख्य जोखिम कारक हैं।
उपचार: जीवन भर लेवोथायरोक्सिन (Levothyroxine) नामक सिंथेटिक हार्मोन की गोलियां लेनी पड़ सकती हैं।
महत्वपूर्ण जानकारी: यह बीमारी सालों-साल धीरे-धीरे विकसित होती है। उचित निदान और उपचार से, अधिकांश लोग सामान्य जीवन जी सकते हैं।
अमृता कुमारी – नेशन्स न्यूट्रीशन क्वालीफाईड डायटीशियन डायबिटीज एजुकेटर अहमदाबाद
