अक्सर आपने देखा होगा कि जब भी ब्लड शुगर या डायबिटीज की जांच करने के लिए हमें डॉक्टर सलाह देते हैं तो वो या तो ब्लड शुगर टेस्ट के लिए बोलते हैं या फिर HbA1C के लिए या फिर दोनों ही जांच के लिए सलाह देते हैं। आखिर क्या है ब्लड शुगर और HbA1C में अंतर और क्यों यह दोनों ही टेस्ट अलग-अलग तरीके से आपके डायबिटीज सही जानकारी देने में अहम भूमिका निभाता है।

HbA1C और ब्लड शुगर (ब्लड ग्लूकोज) में मुख्य अंतर समय अवधि का है। ब्लड शुगर तत्काल (उसी समय) की शुगर बताता है, जबकि HbA1C पिछले 2-3 महीनों का औसत (Average) शुगर लेवल दर्शाता है।

मुख्य अंतर :

 

ब्लड शुगर टेस्ट (Fasting/PP): यह बताता है कि अभी आपके खून में शुगर की मात्रा कितनी है। यह दिन के अलग-अलग समय पर बदल सकती है।

 

HbA1C टेस्ट: यह मापता है कि लाल रक्त कोशिकाओं में पिछले 90-120 दिनों में कितना शुगर जमा हुआ है (Glycated Hemoglobin)।

 

उपयोग: ब्लड शुगर तत्काल स्थिति (जैसे अचानक बहुत बढ़ जाना या गिर जाना) जानने के लिए है, जबकि HbA1C डायबिटीज के दीर्घकालिक नियंत्रण की जांच के लिए सबसे अच्छा है।

 

आवश्यकता: ब्लड शुगर के लिए खाली पेट (Fasting) होना जरूरी हो सकता है, लेकिन HbA1C के लिए नहीं।

 

सामान्य सीमा (Normal Range):

HbA1C:

5.7% से कम सामान्य, 5.7-6.4% प्रीडायबिटीज, 6.5% या अधिक डायबिटीज।

ब्लड शुगर (फास्टिंग):

70-100 mg/dL सामान्य।

 

निष्कर्ष: ब्लड शुगर रोज की उथल-पुथल दिखाता है, जबकि HbA1C यह बताता है कि कुल मिलाकर शुगर कितनी नियंत्रित रही है।

By AMRITA

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