
फ्रिज का बहुत ठंडा पानी पीना पाचन को धीमा कर कब्ज और पेट दर्द का कारण बन सकता है, साथ ही यह गले की मांसपेशियों को सिकोड़कर सर्दी, खांसी और खराश बढ़ाता है। यह शरीर के तापमान को असंतुलित कर हृदय गति पर दबाव डालता है, पोषक तत्वों के अवशोषण में बाधा डालता है, और खाने के साथ लेने पर फैट को जमा कर सकता है।
थंडे पानी के मुख्य नुकसान
पाचन प्रक्रिया में बाधा: ठंडा पानी पीने से पेट की रक्त वाहिकाएं सिकुड़ जाती हैं, जिससे पाचन प्रक्रिया धीमी हो जाती है और अपच, भारीपन या कब्ज हो सकता है।
गले और श्वसन तंत्र पर असर: ठंडा पानी पीने से गले में खराश, सर्दी-जुकाम और नाक बंद होने (श्लेष्म के गाढ़ा होने) की समस्या बढ़ सकती है।
हृदय गति कम होना: लगातार ठंडा पानी पीने से हृदय गति (Heart Rate) कम हो सकती है, जो वागस नर्व (Vagus Nerve) को प्रभावित कर सकता है।
दांतों में संवेदनशीलता: फ्रिज का ठंडा पानी पीने से दांतों में झनझनाहट (Sensitivity) और दर्द की समस्या बढ़ सकती है।
माइग्रेन और सिरदर्द: जो लोग पहले से ही माइग्रेन के शिकार हैं, उनके लिए ठंडा पानी दर्द को बढ़ा सकता है।
कसरत के तुरंत बाद हानिकारक: व्यायाम या दौड़ने के तुरंत बाद ठंडा पानी पीने से पेट में दर्द और ऐंठन हो सकती है।
पाचन में दिक्कत (आयुर्वेद के अनुसार): ठंडा पानी शरीर की गर्मी को कम करता है, जिससे खाना ठीक से नहीं पचता और पोषक तत्वों का अवशोषण कम होता है।
परामर्श : गर्मियों में भी बहुत ठंडे पानी की जगह मटके का पानी या सामान्य तापमान का पानी पीना बेहतर स्वास्थ्य के लिए उचित माना जाता है।
