
भारतीय सभ्यता में चाहे कोई भी जाति समुदाय के लोग हों, उपवास जरूर रखते हैं। फिर चाहे वह हिंदुओं की नवरात्रि हो या कि शिवरात्रि, या फिर वही मुसलमानों का रमजान के रोजा का उपवास, उपवास लगभग सभी जाति समुदाय रखते ही रखते हैं। उपवास के कई फायदे हैं तो वहीं कहीं नुकसान भी हैं। आइए आज उपवास के फायदे और नुकसान के बारे में थोड़ी जानकारी साझा करते हैं।
उपवास के फायदे और नुकसान
उपवास (Fasting) से वजन घटने, ब्लड शुगर नियंत्रित रहने, कोशिकाओं की मरम्मत (ऑटोफैजी) और सूजन कम होने जैसे महत्वपूर्ण स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं। हालांकि, इसके नुकसान में सिरदर्द, थकान, कमजोरी, चिड़चिड़ापन और पोषण की कमी हो सकती है। संतुलित उपवास (जैसे इंटरमिटेंट फास्टिंग) के फायदे अधिक हो सकते हैं, लेकिन लंबे समय तक भूखे रहना नुकसानदेह है।
उपवास (व्रत) के फायदे:
वजन प्रबंधन: उपवास कैलोरी की कमी के कारण वजन कम करने में मददगार हो सकता है
इंसुलिन संवेदनशीलता: यह रक्त शर्करा को नियंत्रित कर टाइप 2 मधुमेह के जोखिम को कम कर सकता है
कोशिकाओं की सफाई: उपवास ‘ऑटोफैजी’ को बढ़ावा देता है, जो क्षतिग्रस्त कोशिकाओं को हटाने और मरम्मत करने की प्रक्रिया है।
हृदय स्वास्थ्य: यह रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल के स्तर में सुधार कर सकता है
उपवास के नुकसान और साइड इफेक्ट्स:
शारीरिक लक्षण : सिरदर्द, चक्कर आना, कमजोरी और चिड़चिड़ापन सामान्य दुष्प्रभाव हैं, खासकर शुरुआत में
पोषण की कमी: लंबे समय तक या गलत तरीके से उपवास करने से शरीर में आवश्यक पोषक तत्वों की कमी हो सकती है।
पाचन की समस्या: पेट में एसिड बनने से सीने में जलन और पेट दर्द हो सकता है, विशेषकर व्रत तोड़ने के बाद ज्यादा खाना खाने से।
जोखिम समूह: गर्भवती महिलाओं, बच्चों, मधुमेह रोगियों और गंभीर बीमारियों से ग्रसित लोगों को बिना डॉक्टर की सलाह के उपवास नहीं करना चाहिए
सही तरीका:
उपवास के दौरान पर्याप्त पानी पिएं ताकि शरीर में पानी की कमी न हो
ज्यादा कमजोरी महसूस हो तो गन्ने का जनसंख्या पिएँ।
अमृता कुमारी – नेशन्स न्यूट्रीशन क्वालीफाईड डायटीशियन डायबिटीज एजुकेटर,अहमदाबाद
