कॉफ़ी की चुस्कियां लेना किसे पसंद नहीं है? ब्लैक कॉफ़ी दुनिया भर में सबसे ज़्यादा पिए जाने वाले ड्रिंक्स में से एक है। दिन की शुरुआत करने या तुरंत एनर्जी पाने के लिए ज़्यादातर लोग कॉफ़ी पीते हैं।

इस गहरे रंग के ड्रिंक का स्वाद तेज़ होता है और यह ज़रूरी एंटीऑक्सीडेंट का सोर्स है जो सेल को नुकसान पहुंचाने वाले फ्री रेडिकल्स से लड़ते हैं। कई एथलीट इस ड्रिंक के शौकीन होते हैं क्योंकि इसमें मौजूद कैफीन उनकी परफॉर्मेंस और स्टैमिना को बेहतर बनाता है। इतने सारे फायदों के बावजूद, ज़्यादा ब्लैक कॉफ़ी पीने के कई नुकसान भी हैं।

ज़्यादा ब्लैक कॉफ़ी पीने के साइड इफेक्ट्स

👉घबराहट और डिप्रेशन:

ज़्यादा कैफीन से एड्रेनालाईन निकलता है जिससे घबराहट हो सकती है। जो लोग कैफीन के प्रति सेंसिटिव होते हैं, उन्हें इससे पैनिक अटैक भी आ सकते हैं।

👉पाचन संबंधी समस्याएं:

खाली पेट ब्लैक कॉफ़ी पीने से एसिडिटी, अपच और सीने में जलन हो सकती है।

👉नींद का पैटर्न खराब होना:

बहुत ज़्यादा कॉफ़ी पीने से नींद का पैटर्न खराब हो सकता है और नींद न आने की समस्या हो सकती है।

👉दिल का खतरा:

ब्लैक कॉफ़ी सेंट्रल नर्वस सिस्टम को उत्तेजित करती है, जिससे दिल की धड़कन बढ़ जाती है। इसलिए, जिन लोगों को पहले से दिल की बीमारी है, उन्हें इसका सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए।

👉हड्डियों का स्वास्थ्य:

ज़्यादा मात्रा में ब्लैक कॉफ़ी पीने का संबंध कैल्शियम के कम अवशोषण से जोड़ा गया है। समय के साथ, यह ऑस्टियोपोरोसिस का कारण बन सकता है।

👉डिहाइड्रेशन:

कैफीन एक हल्का मूत्रवर्धक है जो पेशाब को बढ़ाता है। रोज़ाना चार कप से ज़्यादा कॉफ़ी पीने से हल्का डिहाइड्रेशन हो सकता है।

👉लत:

नियमित रूप से कॉफ़ी पीने से कैफीन की लत लग सकती है। एक बार जब आप यह आदत छोड़ देते हैं, तो इसके कारण सिरदर्द, उदास मूड, थकान और चिड़चिड़ापन जैसे लक्षण हो सकते हैं।

आखिरी बात

हालांकि ब्लैक कॉफ़ी एक हेल्दी लाइफस्टाइल के लिए एक बेहतरीन चीज़ है, लेकिन इसका ज़्यादा सेवन न करें। अपने लिए सही डोज़ जानने के लिए किसी हेल्थकेयर प्रोवाइडर से सलाह लें।

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