लीकी हार्ट वाल्व, जिसे मेडिकल भाषा में वाल्वुलर रीगर्जिटेशन कहा जाता है, एक ऐसी स्थिति है जहाँ दिल के एक या ज़्यादा वाल्व ठीक से बंद नहीं होते, जिससे खून दिल में आगे बढ़ने के बजाय पीछे की ओर बहने लगता है।

इससे कई तरह की जटिलताएं हो सकती हैं, जिनमें हार्ट फेलियर, एरिथमिया और दिल से जुड़ी अन्य गंभीर समस्याएं शामिल हैं। लीकी हार्ट वाल्व के महत्व को समझना बहुत ज़रूरी है, क्योंकि शुरुआती पहचान और इलाज से प्रभावित लोगों के नतीजों और जीवन की गुणवत्ता में काफी सुधार हो सकता है।

इस लेख में, हमने लीकी हार्ट वाल्व के लक्षणों और कारणों के बारे में बताया है।

लीकी हार्ट वाल्व के कारण

👉संक्रामक/पर्यावरणीय कारण:

कुछ संक्रमण दिल के वाल्व को नुकसान पहुंचा सकते हैं, जिससे लीकेज हो सकता है। इनमें सबसे खास है इन्फेक्टिव एंडोकार्डाइटिस, जो दिल की अंदरूनी परत का संक्रमण है, जो बैक्टीरिया या फंगस के खून में जाने से हो सकता है।

पर्यावरणीय कारक, जैसे कुछ टॉक्सिन या प्रदूषकों के संपर्क में आना, भी दिल के वाल्व की बीमारी में योगदान दे सकते हैं।

👉आनुवंशिक/ऑटोइम्यून कारण:

कुछ लोगों में दिल के वाल्व की समस्याओं का आनुवंशिक झुकाव हो सकता है। मार्फन सिंड्रोम और एहलर-डैनलोस सिंड्रोम जैसी स्थितियां, जो कनेक्टिव टिश्यू को प्रभावित करती हैं, दिल के वाल्व में संरचनात्मक असामान्यताएं पैदा कर सकती हैं।

रुमेटाइड आर्थराइटिस या ल्यूपस जैसी ऑटोइम्यून बीमारियां भी दिल के वाल्व में सूजन और नुकसान पहुंचा सकती हैं।

👉जीवनशैली और आहार संबंधी कारक:

जीवनशैली की पसंद दिल के स्वास्थ्य पर काफी असर डाल सकती है। खराब खान-पान की आदतें, जैसे सैचुरेटेड फैट, ट्रांस फैट और सोडियम का ज़्यादा सेवन, दिल की बीमारियों, जिसमें लीकी हार्ट वाल्व भी शामिल है, के विकास में योगदान कर सकता है।

इसके अलावा, सुस्त जीवनशैली, धूम्रपान और ज़्यादा शराब पीने से दिल से जुड़ी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।

👉उम्र:

उम्र के साथ लीकी हार्ट वाल्व होने का खतरा बढ़ जाता है, क्योंकि समय के साथ दिल के वाल्व खराब हो सकते हैं।

👉लिंग:

पुरुषों में आमतौर पर महिलाओं की तुलना में ज़्यादा खतरा होता है, हालांकि महिलाओं में ज़्यादा गंभीर लक्षण हो सकते हैं।

👉भौगोलिक स्थान:

कुछ क्षेत्रों में रुमेटिक हृदय रोग के मामले ज़्यादा हो सकते हैं, जिससे वाल्व की समस्याएं हो सकती हैं।

👉अंतर्निहित स्थितियां:

उच्च रक्तचाप, कोरोनरी धमनी रोग और मधुमेह जैसी स्थितियां लीकी हार्ट वाल्व होने का खतरा बढ़ा सकती हैं।

लीकी हार्ट वाल्व के लक्षण

️थकान:

थकान या ऊर्जा की कमी का सामान्य एहसास।  सांस

️फूलना:

सांस लेने में दिक्कत, खासकर फिजिकल एक्टिविटी के दौरान या लेटने पर।

️धड़कन बढ़ना:

दिल की धड़कन अनियमित होना या दिल की धड़कन तेज़ महसूस होना।

️सूजन:

पैरों, टखनों या पेट में फ्लूइड जमा होना।

️सीने में दर्द:

सीने में बेचैनी या दर्द, जिसे गलती से एंजाइना समझा जा सकता है।

आखिरी बात

अब आप लीकी हार्ट वाल्व के लक्षण और कारण जानते हैं। अगर आपको ऊपर बताए गए कोई भी लक्षण दिखें, तो तुरंत अपने हेल्थकेयर प्रोवाइडर से संपर्क करें।

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