मुंबई की जानी-मानी पेडियाट्रिशियन आर्मिडा फर्नांडिस को इस साल Padma Shri से सम्मानित किया जा रहा है. उन्होंने एशिया का पहला मानव दूध बैंक (Human Milk Bank) स्थापित कर विश्व के लिए नया कीर्तिमान स्थापित किया है, जिसके लिए लोग युगों युगों तक उन्हें याद करेंगे।

उनका यह प्रयास खासतौर पर उन नवजात शिशुओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हुआ है, जो समय से पहले जन्म लेते हैं या जिनका वजन जन्म के समय बहुत कम होता है. ऐसे बच्चों के लिए मां का दूध सबसे सुरक्षित और जरूरी पोषण माना जाता है, लेकिन कई बार यह उपलब्ध नहीं हो पाता.

आर्मिडा फर्नांडिस ने इसी जरूरत को समझते हुए मानव दूध बैंक की शुरुआत की. उनके इस प्रयास से नवजात मृत्यु दर को कम करने में मदद मिली है और हजारों बच्चों को जीवन का सहारा मिला है. यह योगदान केवल चिकित्सा क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के कमजोर वर्गों के लिए उम्मीद भी जगाता है. इसी वजह से उन्हें पद्म श्री से सम्मानित करने की घोषणा की गई है.

 

पद्म श्री देने की प्रमुख वजहें

 

पद्म श्री भारत का तीसरा सबसे बड़ा नागरिक सम्मान है, जो समाज के लिए असाधारण योगदान देने वालों को दिया जाता है. आर्मिडा फर्नांडिस को यह सम्मान उनके अनूठे और मानवीय प्रयासों के लिए दिया जा रहा है. उन्होंने एशिया का पहला मानव दूध बैंक शुरू कर ऐसी व्यवस्था तैयार की, जिससे जरूरतमंद नवजातों तक सुरक्षित और जांचा हुआ मां का दूध पहुंच सके.

 

यह पहल नवजात स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि मानी जाती है. उनका काम केवल एक अस्पताल तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने इस मॉडल को देश के अन्य हिस्सों में अपनाने की प्रेरणा भी दी. नवजात देखभाल, माताओं को सहयोग और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने में उनके योगदान को देखते हुए उन्हें अनसंग हीरो की श्रेणी में चुना गया.

 

कमजोर नवजातों के लिए जीवनदान

 

कम वजन या समय से पहले जन्मे बच्चों के लिए मां का दूध सबसे जरूरी पोषण होता है. आर्मिडा फर्नांडिस द्वारा शुरू किए गए मानव दूध बैंक ने ऐसे हजारों बच्चों की जान बचाने में मदद की है. जिन बच्चों की मां किसी कारणवश दूध नहीं पिला पातीं, उनके लिए यह बैंक जीवनरक्षक साबित होता है.

 

इससे संक्रमण का खतरा कम होता है और बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहतर होती है. खासकर NICU में भर्ती नवजातों के लिए यह सुविधा बेहद उपयोगी रही है.

 

समाज के लिए व्यापक योगदान

 

आर्मिडा फर्नांडिस का योगदान केवल चिकित्सा सेवाओं तक सीमित नहीं है. उन्होंने स्तनपान को बढ़ावा देने, माताओं में जागरूकता फैलाने और नवजात देखभाल को लेकर समाज की सोच बदलने का काम किया है. उनका प्रयास स्वास्थ्य व्यवस्था को अधिक मानवीय बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम माना जाता है.

By AMRITA

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