
आज हम चाहे जितनी भी कोशिश कर ले लेकिन किसी न किसी रूप में कॉस्मेटिक आइटम का उपयोग करने को मजबूर हो ही जाते हैं। प्राकृतिक चीजों का चलन आजकल कम हो गया है । यह कॉस्मेटिक आइटम्स न सिर्फ हमारी त्वचा के लिए दुष्प्रभावी होते हैं बल्कि हमारे फेफड़ों को भी बुरी तरह प्रभावित करते हैं।
कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स में कुछ ऐसे तत्व (ingredients) होते हैं, जो साँस के ज़रिए शरीर में जाने पर फेफड़ों (lungs) के लिए खतरनाक हो सकते हैं। ये विशेष रूप से उन उत्पादों में पाए जाते हैं जिन्हें स्प्रे या पाउडर के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।

मुख्य हानिकारक तत्व और उत्पाद
टैल्कम पाउडर (Talcum Powder): टैल्क-आधारित फेस पाउडर, बेबी पाउडर या अन्य पाउडर उत्पादों को साँस के ज़रिए अंदर लेने से फेफड़ों की गंभीर समस्याएँ हो सकती हैं, जिनमें फेफड़ों की क्षति और कैंसर शामिल हैं।
वाष्पशील कार्बनिक यौगिक (Volatile Organic Compounds – VOCs): नेल पॉलिश, डिओडोरेंट और हेयरस्प्रे जैसे एयरोसोल (स्प्रे) उत्पादों से फॉर्मेल्डिहाइड और टोल्यूनि जैसे VOCs निकलते हैं। इन्हें साँस में लेने से आँखों, त्वचा और श्वसन प्रणाली में जलन हो सकती है।
खुशबू (Artificial Fragrances): “परफ्यूम” या “फ्रैग्रेंस” के तहत सूचीबद्ध उत्पादों में अक्सर phthalates और VOCs जैसे रसायन होते हैं, जो श्वसन संबंधी समस्याओं और अस्थमा को बढ़ा सकते हैं।
प्रिजर्वेटिव्स (Preservatives):
फॉर्मेल्डिहाइड (Formaldehyde): यह एक ज्ञात कार्सिनोजेन (कैंसर कारक) है जो शैम्पू, कंडीशनर और कुछ मेकअप में पाया जाता है, और यह फेफड़ों में जलन पैदा कर सकता है।
पैराबेन्स (Parabens): कुछ अध्ययनों से पता चलता है कि पैराबेन्स श्वसन प्रणाली को प्रभावित कर सकते हैं, खासकर अस्थमा वाले लोगों को।
सिलिका (Silica): लिपस्टिक, फाउंडेशन और सनस्क्रीन जैसे उत्पादों में पाई जाने वाली सिलिका की सांस लेने योग्य धूल फेफड़ों में प्रवेश कर सकती है और फेफड़ों के कैंसर का कारण बन सकती है।
भारी धातुएँ (Heavy Metals): मेकअप में कभी-कभी सीसा (lead), पारा (mercury) और क्रोमियम जैसी भारी धातुएँ हो सकती हैं। मेकअप पाउडर को साँस के ज़रिए लेने से संभावित संदूषक वायुमार्ग और फेफड़ों में जा सकते हैं।
फेफड़ों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए, अमेरिकन लंग एसोसिएशन (American Lung Association) ऐसे उत्पादों से बचने की सलाह देता है जो VOCs उत्सर्जित करते हैं और इन हानिकारक रसायनों से मुक्त उत्पादों को चुनने के लिए लेबल की जाँच करने के लिए प्रोत्साहित करता है।
