पूरे भारत में अभी ठंड ने अपनी चादर बिछा दी है। कुछ राज्यों में तो पारा माइनस में जा रहा। ऐसे में सेहत की फिक्र और देखभाल बेहद जरुरी है, खासकर बच्चों की सेहत जल्दी ही नाजुक पड़ जाती है। तो चलिए आज कुछ आसान से टिप्स शेयर करती हूँ ताकि बच्चों की मासूम मुस्कान इस सर्दी में भी बनी रहे।

 

सर्दी में छोटे बच्चों की देखभाल के लिए विंटर हेल्थ टिप्स…

 

1. सही कपड़े और गर्मी-

 

* लेयरिंग: हमेशा बच्चों को एक साथ मोटे कपड़े पहनाने के बजाय, कई पतली परतों यानी लेयरिंग में कपड़े पहनाएं। यह हवा को फंसाकर शरीर को बेहतर गर्मी देता है। ध्यान रहे, अंदर की परत सूती होनी चाहिए ताकि त्वचा की नमी बरकरार रहे।

 

* सिर, हाथ और पैर: बच्चे के शरीर से ज़्यादा गर्मी उसके सिर से निकलती है। इसलिए टोपी, दस्ताने और गर्म मोज़े ज़रूर पहनाएं, खासकर जब वे बाहर हों।

 

* घर के अंदर का तापमान: कमरे का तापमान बहुत ज़्यादा गर्म या बहुत ज़्यादा ठंडा नहीं होना चाहिए। हीटर का प्रयोग करते समय कमरे में नमी बनाए रखने के लिए एक बर्तन में पानी रखें, या ह्युमिडिफायर का उपयोग करें।

 

* सोते समय: बच्चे को भारी कम्बल से न ढकें, क्योंकि इससे उनका दम घुट सकता है। स्लीपिंग बैग या हल्के कम्बल का प्रयोग करें।

 

2. इम्यूनिटी और पोषण-

 

* स्तनपान: शिशुओं के लिए, मां का दूध यानी Breastfeeding सबसे महत्वपूर्ण है। यह एंटीबॉडी प्रदान करता है जो उन्हें संक्रमण से लड़ने में मदद करते हैं।

 

* गर्म भोजन: अगर बच्चा ठोस आहार लेता है, तो उसे गर्म सूप, दाल का पानी और ताजी मौसमी सब्जियां और फल दें।

 

* विटामिन D: ठंडी में धूप कम मिलती है, इसलिए यदि आवश्यक हो तो डॉक्टर की सलाह से विटामिन D सप्लीमेंट दें।

 

3. त्वचा की देखभाल-

 

* मालिश: गुनगुने तेल, जैसे बादाम या जैतून का तेल से नियमित मालिश करें। यह ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाता है और त्वचा को नमी देता है।

 

* मॉइस्चराइज़र: नहाने के तुरंत बाद बच्चों की त्वचा पर अच्छी गुणवत्ता का मॉइस्चराइज़र या पेट्रोलियम जेली लगाएं ताकि त्वचा शुष्क (Dry) न हो।

 

* नहाने का समय: बच्चों को रोज़ाना अच्छे से नहलाने की ज़रूरत नहीं है। गुनगुने पानी का उपयोग करें और नहाने का समय 5 से 10 मिनट तक सीमित रखें।ज्यादा ठंड या बर्फबारी में गर्म पानी में भिगोकर सूती कपड़े से स्पंज भी कर सकते हैं।

 

4. स्वच्छता और संक्रमण से बचाव-

 

* हाथ धोना: सुनिश्चित करें कि बच्चे को छूने से पहले हर कोई या माता-पिता, रिश्तेदार अपने हाथ अच्छी तरह धोए।

 

* भीड़ से बचाव: बच्चों को भीड़-भाड़ वाली या बीमार लोगों के संपर्क वाली जगहों से दूर रखें।

 

* टीकाकरण: सभी आवश्यक टीके समय पर लगवाएं, विशेषकर फ्लू का टीका, यदि डॉक्टर सलाह दें।

 

5. कब डॉक्टर को दिखाएं- निम्नलिखित लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें:

 

– बुखार (विशेषकर 100.4°F से अधिक)।

 

– सांस लेने में कठिनाई या तेज़-तेज़ सांस लेना।

 

– लगातार खांसी या उल्टी होना।

 

– दूध पीना, खाना कम खाए तो।

 

– निष्क्रिय या बहुत ज़्यादा सुस्त होना।

 

ये सरल लेकिन महत्वपूर्ण उपाय आपके बच्चे को सर्दी में सुरक्षित और स्वस्थ रखने में मदद करेंगे।

 

अमृता कुमारी – नेशन्स न्यूट्रीशन                                  क्वालीफाईड डायटीशियन                                          डायबिटीज एजुकेटर, अहमदाबाद

By AMRITA

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