अदरक के लाभ: अदरक के फायदे: हमारे किचन में कई ऐसे मसाले होते हैं, जो न केवल स्वाद को बढ़ाते हैं बल्कि औषधीय गुणों से भी भरपूर होते हैं। इनमें से एक अदरक (शुण्ठी) है, जिसे आयुर्वेद में औषधियों का खजाना माना जाता है।अदरक केवल एक मसाला नहीं है, बल्कि यह कई बीमारियों का इलाज भी करता है। आयुर्वेद के अनुसार, इसका स्वाद तीखा (कटु), गुण भारी और चिकना (गुरु-स्निग्ध), वीर्य गर्म और विपाक (पाचन के बाद प्रभाव) मधुर होता है। यह वात और कफ दोष को संतुलित करता है, जबकि पित्त को थोड़ा बढ़ा सकता है।
पाचन और रोग प्रतिरोधक क्षमता में सुधार
अदरक पाचन को सुधारने में अत्यंत प्रभावी है। यह गैस, अपच और भूख न लगने जैसी समस्याओं को दूर करता है। भोजन से पहले थोड़ी मात्रा में अदरक का सेवन करने से पाचन एंजाइम सक्रिय होते हैं और शरीर को ऊर्जा मिलती है। इसमें मौजूद जिंजरोल तत्व शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। सर्दी, खांसी और जुकाम में यह बलगम को बाहर निकालने में मदद करता है और गले की खराश को भी ठीक करता है।
जोड़ों के दर्द और सूजन में राहत
अदरक में पाए जाने वाले सूजनरोधी गुण (Anti-inflammatory properties) जोड़ों के दर्द और आर्थराइटिस जैसी समस्याओं में राहत प्रदान करते हैं। अदरक का नियमित सेवन सूजन को कम करने और दर्द से राहत दिलाने में सहायक होता है। अदरक का तेल या पाउडर हल्दी और सरसों के तेल के साथ मिलाकर हल्का गर्म करके लगाने से जोड़ों के दर्द में काफी आराम मिलता है।
हृदय स्वास्थ्य और वजन घटाने में सहायक
अदरक हृदय को स्वस्थ रखने में मदद करता है और रक्त संचार को बेहतर बनाता है। यह कोलेस्ट्रॉल के स्तर को संतुलित करता है और हृदय रोगों से बचाव करता है। इसके अलावा, यह मेटाबॉलिज्म को तेज करता है, जिससे फैट बर्निंग की प्रक्रिया में तेजी आती है और वजन घटाने में सहायता मिलती है। सुबह खाली पेट गुनगुने पानी में अदरक और नींबू का रस मिलाकर पीने से वजन नियंत्रित रहता है।
सेवन के तरीके :
भोजन से पहले: ताजा अदरक को नींबू और सेंधा नमक के साथ चबाएं।
सर्दी-खांसी में: अदरक और शहद का मिश्रण लें या अदरक की चाय में तुलसी, दालचीनी और लौंग मिलाएं।
गठिया या दर्द में: अदरक का पाउडर हल्दी और तेल के साथ मिलाकर प्रभावित स्थान पर लगाएं।
कफ या सिरदर्द में: सूखे अदरक (सोंठ) का लेप माथे पर करे।
सावधानियां :हालांकि अदरक के कई लाभ हैं, लेकिन यह गर्म तासीर वाला होता है। इसलिए पित्त प्रधान शरीर वाले व्यक्तियों को इसका सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए। पेट में अल्सर, अधिक पित्त या गर्भावस्था के दौरान अदरक का अधिक सेवन हानिकारक हो सकता है।
