प्रोटीन मानव शरीर की संरचना के लिए सबसे महत्वपूर्ण तत्व है। यह सभी पोषक तत्वों में सबसे महत्वपूर्ण पौष्टिक तत्व है क्योंकि मानव शरीर की पूरी संरचना ही प्रोटीन की गुणवत्ता पर निर्भर करता है । प्रोटीन में कोलेजन एक अलग ही प्रकार का खास प्रोटीन है जो हमारी त्वचा को संरक्षित रखने में मदद करता है।
कोलेजन शरीर में भरपूर मात्रा में पाया जाने वाला प्रोटीन है, जो त्वचा, हड्डियों, टेंडन और लिगामेंट्स के लिए बेहद जरूरी माना जाता है। कोलेजन स्किन को हेल्दी और हाइड्रेट रखने में भी मदद करता है।
साथ ही ये स्किन को खिंचने या सिकुड़ने से बचाता है। जब स्किन में कोलेजन का लेवल सही रहता है तो त्वचा ग्लोइंग और सॉफ्ट नजर आती है। हालांकि, उम्र के साथ-साथ स्किन में कोलेजन का लेवल कम होने लगता है, जिसे कंट्रोल करना बहुत जरूरी हो जाता है। यदि आपकी त्वचा में भी कोलेजन की मात्रा कम हो रही है तो समय रहते आप इसे पहचान सकते हैं और अपनी त्वचा के कोलेजन की कमी को पूरा कर सकते हैं। ताकि आपकी त्वचा अवांछित बुढ़ापे का शिकार न हो पाए।
कोलेजन की कमी के लक्षण
झुर्रियां और त्वचा का ढीलापन
चेहरे पर झुर्रियां और ढीली त्वचा कोलेजन के कम होने के संकेत हो सकते हैं। कोलेजन की कमी के कारण, त्वचा अपना लचीलापन और फर्मनेस खो देती है, जिससे झुर्रियां बढ़ने लगती हैं और त्वचा ढीली और बूढ़ी दिखने लगती है। इसके लिए आप हेल्दी मॉइश्चराइजर का इस्तेमाल कर सकते हैं।
डिहाइड्रेशन
स्किन में कोलेजन कम होने के कारण डिहाइड्रेशन बढ़ जाता है और त्वचा की नमी कम हो जाती है। कोलेजन के कम होने से त्वचा की नमी बनाए रखना मुश्किल हो जाता है, जिससे त्वचा रूखी, बेजान और परतदार नजर आती है। स्किन को हाइड्रेट रखने के लिए आप पूरे दिन में 7 से 8 गिलास पानी जरूर पिएं।
आंखों के पास होलोनेस
आंखों के आस-पास होलोनेस कोलेजन के कम होने के संकेत हो सकते हैं। कोलेजन कम होने पर आंखों के आस-पास की त्वचा अपनी कोमलता और फर्मनेस खो देती है, जिससे होलोनेस बढ़ने लगती है। इसकी वजह से फाइन लाइन, काले घेरे और सूजन को बढ़ावा मिलता है। इसे कम करने के लिए आप खीरे की स्लाइस को आंखों के नीचे रखें। साथ ही रात के समय 7 से 8 घंटे की नींद जरूर लें।
अमृता कुमारी – नेशन्स न्यूट्रिशन क्वालीफाईड डायटीशियन, डायबिटीज एडुकेटर अहमदाबाद