
क्या आपने कभी सोचा है कि पानी को बिना फिल्टर मशीन के भी साफ किया जा सकता है और उसे पीने के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है? जी हां आपको जानकर हैरानी होगी कि बिल्कुल प्राकृतिक तरीके से भी पानी को फिल्टर किया जा सकता है ।आमतौर पर जब भी हम लोग पानी को साफ करते हैं तो इसके लिए हम लोग आरओ का इस्तेमाल करते हैं।
प्रकृति ने खुद ऐसी व्यवस्था की है कि दूषित पानी को साफ किया जा सकता है ।
खासतौर पर गंगा के मैदानी इलाकों के भूजल में आर्सेनिक पाया जाता है । आमतौर पर ऐसे इलाकों में पानी को ट्रीट करके उसे पीने लायक बनाया जाता है ।
हाल ही में, नए शोध में एक ऐसे पौधे के बारे में पता लगाया गया है, जो पानी से आर्सेनिक को सोख लेता है । पानी से आर्सेनिक निकालने की ये बिल्कुल प्राकृतिक और सस्ती प्रक्रिया है । जादवपुर विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ एनवायरमेंटल स्टडीज ने शोध किया है. शोध में पता चला है कि जलीय पौधा पिस्टिया स्ट्रैटियोटिस पानी से आर्सेनिक सोखने की क्षमता रखते है ।
रिसर्च में पता चला है कि पिस्टिया स्ट्रैटियोटिस पानी से आर्सेनिक को सोखकर बायोरेमेडिएशन करता है। इसके पौधे के मेटाबोलिज्म में भी बदलाव आता है. ये आर्सेनिक की मात्रा के साथ बदलता रहता है ।
