
अग्न्याशय के कैंसर के इलाज में बड़ी सफलता हासिल हुई है। अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने एक नई दवा को मंजूरी दी है जो इसके जोखिम को कम करने में सक्षम है।
डैराक्सोनरासिब नामक यह दवा रेवोल्यूशन मेडिसिन्स ने बनाई है और इसे रासोनक्यू नाम से बेचा जाएगा। इसे उन मरीजों के लिए मंजूरी दी गई है जो पहले ही कीमोथेरेपी करवा चुके हैं।
नई दवा की खुराक
इस दवा की दिन में दो गोलियां लेने की सलाह दी गई है। दवा के अंतिम चरण के परीक्षण में इसे लेने वाले मरीज 13 महीने से ज्यादा समय तक जीवित रहे, जबकि कीमोथेरेपी लेने वालों का जीवनकाल सात महीने से कम था। क्लिनिकल परीक्षणों के माध्यम से यह दवा प्राप्त करने वाले कुछ मरीज वर्षों तक जीवित रहे हैं।
दुष्प्रभाव और परीक्षण के परिणाम
हालांकि, इस दवा के कुछ गंभीर दुष्प्रभाव भी सामने आए हैं। इनमें पूरे शरीर पर चकत्ते और पेट-आंतों से जुड़ी समस्याएं शामिल हैं। अमेरिका के पूर्व नेब्रास्का सीनेटर बेन सैस ने भी क्लिनिकल ट्रायल में शामिल होने के बाद अपने ट्यूमर में काफी कमी आने की जानकारी दी थी। फिलहाल एफडीए ने इस दवा को उन मरीजों के लिए मंजूरी दी है जिन पर पहले किए गए अन्य इलाज काम नहीं कर पाए हैं।
