
दिल्ली में एच1एन1 (स्वाइन फ्लू) संक्रमण से दो मासूम बहनों की तीन दिन के भीतर मौत हो गई। दोनों बच्चियों में तेज बुखार और सर्दी-जुकाम जैसे शुरुआती लक्षण थे। पहले बड़ी बहन की जान गई और तीन दिन बाद करीब चार साल की छोटी बच्ची ने भी दम तोड़ दिया।इस घटना ने डॉक्टरों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है।
बीएलके मैक्स अस्पताल के अनुसार, तीन अगस्त को तीन साल 11 महीने की बच्ची को बेहद गंभीर हालत में आपातकालीन विभाग में लाया गया था। जांच में इन्फ्लूएंजा ए (एच1एन1) संक्रमण की पुष्टि हुई। एमआरआई में उसके मस्तिष्क में एक्यूट नेक्रोटाइजिंग एन्सेफैलोपैथी (एएनईसी) के संकेत मिले। यह एच1एन1 संक्रमण से जुड़ी दुर्लभ, लेकिन जानलेवा दिमागी जटिलता मानी जाती है। अस्पताल ने बताया कि विशेषज्ञों की टीम ने गहन उपचार और सभी जरूरी जीवनरक्षक प्रयास किए, लेकिन बच्ची की हालत लगातार बिगड़ती गई। पांच अगस्त की सुबह 5:10 बजे उसकी मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि तीन दिन पहले ही बड़ी बेटी की मौत हुई थी, उसके लक्षण भी इसी तरह के थे। वहीं, सफदरजंग अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक जुलाई महीने में एच1एन1 (स्वाइन फ्लू) के 11 कंफर्म मरीज आए थे। इसी माह पांच पहुंचे हैं।
दिल्ली में मानसून के रफ्तार पकड़ने के साथ ही एच1एन1 (स्वाइन फ्लू) के मामले बढ़ने लगे हैं। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक राजधानी में इस साल अब तक स्वाइन फ्लू के 1,349 कंफर्म केस सामने आ चुके हैं। वहीं, डेंगू के 1379 मामले आए हैं। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि सरकार एच1एन1 की स्थिति पर नजर रख रही है और सभी सरकारी अस्पतालों को इलाज की पर्याप्त सुविधाएं सुनिश्चित करने, प्रभावित व हॉटस्पॉट इलाकों पर कड़ी नजर रखने का निर्देश दिए गए हैं। अस्पताल इन दोनों बीमारियों का इलाज करने के लिए तैयार हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार छोटे बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों को इस संक्रमण से खास सतर्कता बरतने की सलाह दी जा रही है।
निम्नलिखित लक्षण दिखाई दे तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लें
- तेज बुखार
- लगातार खांसी और गले में खराश
- शरीर और मांसपेशियों में तेज दर्द
- अत्यधिक थकान और कमजोरी
- सांस लेने में तकलीफ या सीने में दर्द
क्या है गाइडलाइन ❓
● विशेषज्ञों का कहना है कि बार-बार साबुन से हाथ धोएं या सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें।
● खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को रूमाल या कोहनी से ढकें।
● भीड़भाड़ वाली जगहों पर जरूरत पड़ने पर मास्क पहनें और संपर्क से बचें।
● बुखार या फ्लू जैसे लक्षण होने पर घर पर आराम करें और बिना डॉक्टर की सलाह के दवा न लें।
